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कोलकाता में आई-पैक कार्यालय पर ईडी की छापेमारी: अवैध कोयला खनन मामले में जांच

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के कार्यालय और निदेशक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई करोड़ों रुपये के अवैध कोयला खनन और तस्करी से जुड़े धन शोधन मामले के तहत की गई। जैन, जो तृणमूल कांग्रेस के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख हैं, पर हवाला और नकद लेनदेन के संबंध में साक्ष्य होने का आरोप है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
 

ईडी की छापेमारी का विवरण

नई दिल्ली/कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के दफ्तर और इसके निदेशक प्रतीक जैन के निवास पर धनशोधन के मामले में तलाशी अभियान चलाया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई करोड़ों रुपये के कथित अवैध कोयला खनन और तस्करी से जुड़े धन शोधन मामले के तहत की गई।


छापेमारी की प्रक्रिया

सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी में, ईडी ने सुबह सात बजे से लगभग 10 स्थानों पर छापेमारी की। इनमें साल्ट लेक में आई-पैक का दफ्तर और लाउडन स्ट्रीट पर जैन का घर शामिल हैं। इन 10 स्थानों में चार दिल्ली में भी हैं।


प्रतीक जैन की भूमिका

प्रतीक जैन, जो आईआईटी मुंबई के पूर्व छात्र हैं, ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पैक) के सह-संस्थापक और निदेशक हैं। उन पर पश्चिम बंगाल में कोयला घोटाले से जुड़े कुछ हवाला और नकद लेनदेन के संबंध में “विशिष्ट” साक्ष्य होने का आरोप है।


राजनीतिक प्रतिक्रिया

जैन पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख भी हैं। ईडी का यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा नवंबर 2020 में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है, जिसमें आसनसोल और उसके आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी का आरोप लगाया गया था। स्थानीय कोयला व्यापारी अनूप मांझी उर्फ लाला इस मामले में मुख्य संदिग्ध हैं।


मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

ईडी ने पहले तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी से भी पूछताछ की है, और एजेंसी का दावा है कि वह अवैध कोयला व्यापार से प्राप्त धन के लाभार्थी हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, इसे “राजनीतिक रूप से प्रेरित” और “असंवैधानिक” बताया।


जांच का उद्देश्य

ईडी के सूत्रों ने कहा कि यह कार्रवाई “कोयला घोटाला मामले और उससे जुड़े अपराध से अर्जित आय” के आधार पर की गई है, और इसमें कोई राजनीतिक पहलू नहीं है। जांच एजेंसी ने बताया कि तलाशी के दौरान विशिष्ट कंप्यूटर उपकरण और दस्तावेज़ जब्त किए जा रहे हैं। आई-पैक की ओर से इस कार्रवाई पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।