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गलत बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर होने पर क्या करें?

आजकल यूपीआई और मोबाइल ऐप्स के जरिए पैसे भेजना आसान है, लेकिन गलत ट्रांसफर की स्थिति में क्या करें? जानें कि कैसे तुरंत कार्रवाई करके आप अपने पैसे वापस पा सकते हैं। इस लेख में हम बताएंगे कि बैंक या यूपीआई ऐप को कैसे सूचित करें, शिकायत दर्ज करने का महत्व और भविष्य में गलतियों से कैसे बचें।
 

गलत ट्रांसफर की समस्या


नई दिल्ली: आजकल यूपीआई, नेट बैंकिंग और मोबाइल एप्स के माध्यम से पैसे भेजना बहुत सरल हो गया है। लेकिन कभी-कभी जल्दबाजी, नंबर में छोटी सी गलती या ऑटो-सेव्ड कॉन्टैक्ट पर निर्भरता भारी पड़ सकती है। लोग अक्सर सोचते हैं कि एक बार पैसे ट्रांसफर होने के बाद वह हमेशा के लिए चले जाते हैं।


हालांकि, यदि आप तुरंत कार्रवाई करते हैं और सही प्रक्रिया का पालन करते हैं, तो आपके पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।


बैंक या यूपीआई ऐप को तुरंत सूचित करें

जैसे ही आपको पता चले कि पैसे गलत खाते में चले गए हैं, तुरंत अपने बैंक या यूपीआई ऐप के कस्टमर केयर से संपर्क करें। ट्रांजैक्शन आईडी, तारीख, समय, राशि और रिसीवर की जानकारी उन्हें दें। शुरुआती घंटों में शिकायत करने से ट्रांजैक्शन को रोकने या रिकवरी की संभावना अधिक होती है।


यूपीआई ऐप में शिकायत दर्ज करने का महत्व

गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और भीम जैसे सभी यूपीआई ऐप्स में इन-ऐप शिकायत का विकल्प होता है। ट्रांजैक्शन हिस्ट्री में जाकर संबंधित पेमेंट को चुनें और समस्या रिपोर्ट करें। यह शिकायत सीधे बैंकिंग सिस्टम में दर्ज होती है, जिससे रिकवरी प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो जाती है।


बैंक कैसे करता है पैसे की वापसी

शिकायत मिलने के बाद, बैंक उस व्यक्ति से संपर्क करता है जिसके खाते में गलती से पैसे गए हैं। बैंक उसकी सहमति से राशि वापस ट्रांसफर करता है। नियमों के अनुसार, बैंक बिना अनुमति किसी के खाते से पैसे नहीं काट सकता, इसलिए रिसीवर की सहमति महत्वपूर्ण होती है।


अगर रिसीवर पैसे लौटाने से मना कर दे

कई बार रिसीवर रकम लौटाने से मना कर देता है। ऐसी स्थिति में, आप बैंक में लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद साइबर क्राइम सेल या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत करना एक प्रभावी कदम होता है। कानून के अनुसार, किसी और का पैसा जानबूझकर रोकना अपराध है।


भविष्य में गलती से बचने के उपाय

ऑनलाइन पेमेंट करने से पहले रिसीवर का नाम, नंबर और यूपीआई आईडी को दो बार जांचें। नए अकाउंट में पैसे भेजते समय छोटी राशि ट्रांसफर करें। जल्दबाजी से बचें और पेमेंट कन्फर्मेशन स्क्रीन को ध्यान से पढ़ें। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।