गाजियाबाद में पुराने वाहनों पर कार्रवाई, परिवहन विभाग ने शुरू किया अभियान
गाजियाबाद में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कदम
गाजियाबाद: जैसे ही अक्टूबर का महीना शुरू हुआ, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ने की आशंका के चलते विभिन्न विभागों ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। इसी संदर्भ में, गाजियाबाद का परिवहन विभाग अब उन पुराने वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, जो अपनी निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके हैं। विभाग की टीमें प्रमुख सड़कों के साथ-साथ हाईराइज सोसाइटियों और कॉलोनियों में जाकर ऐसे वाहनों की पहचान कर रही हैं।
लंबे समय से खड़े और निर्धारित आयु पूरी कर चुके वाहनों की पहचान के बाद, नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। इन वाहनों को जब्त कर स्क्रैप सेंटर भेजा जा रहा है। इस अभियान में विभिन्न अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन का सहयोग भी लिया जा रहा है। परिवहन विभाग के अनुसार, कई वाहन मालिक निर्धारित आयु पूरी होने के बाद भी अपने वाहनों को स्क्रैप नहीं करवाते हैं, जिससे ये वाहन लंबे समय तक आवासीय परिसरों में खड़े रहते हैं। विभाग का कहना है कि इन वाहनों को समय पर स्क्रैप कराना आवश्यक है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में अब तक 375 पुराने वाहनों को जब्त कर स्क्रैप सेंटर भेजा जा चुका है। इस वर्ष अब तक 1,000 से अधिक वाहनों को जब्त कर स्क्रैप किया गया है। विभाग ने सितंबर में लगभग 5,000 पुराने वाहनों को स्क्रैप करने का लक्ष्य रखा है। अभियान के तहत सड़क किनारे खड़े वाहनों के साथ-साथ आवासीय परिसरों में खड़े पुराने वाहनों की भी जांच की जा रही है।
आरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. सियाराम वर्मा के अनुसार, अभियान को प्रभावी बनाने के लिए गाजियाबाद में कुल आठ टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों और आवासीय परिसरों में जाकर निर्धारित आयु पूरी कर चुके वाहनों की पहचान कर रही हैं।
पुराने वाहन मालिक के पास बचने के विकल्प
- वाहन की निर्धारित आयु और मौजूदा नियमों की जांच करें।
- यदि वाहन आयु सीमा पूरी कर चुका है, तो उसे अधिकृत स्क्रैप सेंटर के माध्यम से स्क्रैप कराने का विकल्प अपनाएं।
- यदि वाहन को दूसरे जिले में ले जाना है, तो एनओसी और ट्रांसफर की प्रक्रिया के बारे में परिवहन विभाग से जानकारी लें।
- सोसाइटी या कॉलोनी में वाहन लंबे समय तक खड़ा रखने के बजाय उसकी वैध स्थिति पहले जांच लें।