गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में बीएएमएस परीक्षा का पेपर लीक, कांग्रेस और आप ने उठाए सवाल
गुजरात में पेपर लीक की नई घटना
नई दिल्ली। देश में परीक्षा के प्रश्नपत्रों के लीक होने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में गुजरात में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां जामनगर स्थित गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में बीएएमएस परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का आरोप लगा है। इस घटना ने छात्रों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला किया है।
पेपर लीक की श्रृंखला
रमेश ने कहा कि यह घटना अकेली नहीं है। 2014 से 2024 के बीच गुजरात में 34 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। इनमें जीपीएससी चीफ ऑफिसर का पेपर 2014 में, तलाटी का पेपर 2015 और 2016 में, टीएटी-टीचर पेपर, मुख्य सेविका पेपर, नायब चिटनिस पेपर, और लोक रक्षक दल का पेपर शामिल हैं। इसके अलावा, 2019 में नॉन-सेक्रेटेरिएट क्लर्क परीक्षा, 2021 में हेड क्लर्क, डीजीवीसीएल विद्युत सहायक और सब-ऑडिटर परीक्षाएं, 2022 में फॉरेस्ट गार्ड परीक्षा और 2023 में जूनियर क्लर्क परीक्षा भी लीक हुई हैं।
संजय सिंह का आरोप
Another day another paper leak – this time in the Gujarat Ayurveda University, Jamnagar.
This is not an exception. Gujarat has witnessed 34 paper leaks between 2014 and 2024. The GPSC Chief Officer’s Paper in 2014, Talati Paper in 2015 and 2016, the TAT -Teacher Paper, Mukhya… pic.twitter.com/QG8VJC3GWa
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) July 27, 2026
रमेश ने यह भी कहा कि 2024 में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का चर्चित लीक भी अहमदाबाद से ही हुआ था। भाजपा के शासन में गुजरात पेपर लीक का केंद्र बन गया है। मोदी सरकार की फास्ट-ट्रैक अदालतें इस समस्या का समाधान नहीं कर रही हैं। हमें इस पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है कि हम अपनी परीक्षा और शिक्षा प्रणाली में सुधार कैसे कर सकते हैं।
जामनगर की आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में घटनाक्रम
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा पर सीधा हमला किया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देशभर में पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं, जिसमें भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिलीभगत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां भाजपा की सरकारें हैं, वहां पेपर लीक होना आम बात बन गई है।
संजय सिंह ने बताया कि गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में बीएएमएस की परीक्षाएं चल रही हैं। 20 जुलाई को बीएएमएस थर्ड ईयर के 'शल्य तंत्र-1' विषय का पेपर था। आरोप है कि परीक्षा से ठीक पहले इसके सवाल व्हाट्सएप पर वायरल हो गए। परीक्षा में कुल 12 सवाल पूछे गए थे, जिनमें से 11 वही थे, जो पहले ही शेयर किए जा चुके थे।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस विवाद के बढ़ने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया। इंचार्ज एग्जामिनेशन डायरेक्टर एचपी झाला ने कहा कि 20 जुलाई की सुबह परीक्षा शांति से पूरी हुई थी, लेकिन शाम को सवाल वायरल होने की सूचना मिली। इसके बाद वाइस चांसलर से बात की गई और मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया। यूनिवर्सिटी ने कहा कि पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मामले का सारांश
20 जुलाई को BAMS थर्ड ईयर का शल्य तंत्र-1 का पेपर हुआ। आरोप है कि परीक्षा शुरू होने से पहले WhatsApp पर सवाल वायरल हो गए थे। इस मामले के बाद यूनिवर्सिटी ने विशेष जांच समिति बना दी। AAP सांसद संजय सिंह ने इस घटना को लेकर BJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं, यूनिवर्सिटी ने पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।