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गुरुग्राम से पचगांव तक मेट्रो कॉरिडोर: यातायात में कमी लाने की उम्मीद

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गुरुग्राम से पचगांव के बीच 35.25 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस परियोजना की लागत 10,428 करोड़ रुपये है और इसमें 28 स्टेशन शामिल होंगे। यह मेट्रो लाइन दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ट्रैफिक को कम करने में मदद करेगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। जानें इस प्रोजेक्ट के बारे में और क्या-क्या विशेषताएँ हैं।
 

गुरुग्राम पचगांव मेट्रो प्रोजेक्ट

गुरुग्राम पचगांव मेट्रो प्रोजेक्ट : हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकास सामने आया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गुरुग्राम से पचगांव के बीच प्रस्तावित 35.25 किलोमीटर लंबे नए एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर को हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना की लागत 10,428 करोड़ रुपये है, जिसमें कुल 28 स्टेशन शामिल होंगे, जो पचगांव में नमो भारत (आरआरटीएस) नेटवर्क से जुड़ेंगे। इसके शुरू होने से दिल्ली-जयपुर हाईवे और एनसीआर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।


दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ट्रैफिक समाधान : हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए यह एक राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट को औपचारिक मंजूरी दी है। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) की बोर्ड बैठक में इस निर्णय की पुष्टि की गई। अब परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को अंतिम प्रक्रिया के लिए भेजी जाएगी।


28 एलिवेटेड स्टेशन और नमो भारत से कनेक्टिविटी


यह नया मेट्रो कॉरिडोर पूरी तरह से एलिवेटेड होगा और इसमें 28 आधुनिक स्टेशन बनाए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य साइबर सिटी गुरुग्राम और तेजी से विकसित हो रहे पचगांव क्षेत्र के बीच सार्वजनिक परिवहन को सुगम बनाना है। पचगांव स्टेशन को नमो भारत (आरआरटीएस) नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे राजस्थान और दिल्ली के बीच सीधी इंटर-कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इसके साथ ही बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो विस्तार पर भी तेजी से काम चल रहा है।


10,428 करोड़ का बजट और फंडिंग मॉडल


इस मेट्रो रूट के निर्माण पर लगभग 10,428 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। 16 जनवरी 2025 को राइट्स द्वारा प्रस्तुत वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार से सहायता के रूप में प्राप्त होगा। हरियाणा सरकार अपने बजट से 20 प्रतिशत खर्च वहन करेगी, जबकि 80 प्रतिशत पूंजी बैंकों से दीर्घकालिक ऋण के रूप में जुटाई जाएगी।


दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जाम से मिलेगी बड़ी राहत


इस मेट्रो लाइन के चालू होने से राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (दिल्ली-जयपुर हाईवे) पर वाहनों का दबाव काफी कम होगा। यह ट्रैक ग्लोबल सिटी और मानेसर के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को सीधे जोड़ता है। वर्तमान में, मानेसर इंडस्ट्रियल हब में काम करने वाले हजारों कर्मचारी सिटी बसों, ऑटो या निजी वाहनों पर निर्भर हैं, जहां जीएमसीबीएल की केवल 25 बसें चलती हैं। मेट्रो सेवा शुरू होने से उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों और दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों का सफर तेज और सुगम हो जाएगा। #HaryanaMetro #GurugramNews #NayabSaini #MetroProject #DelhiNCR