ग्वालियर के अचलेश्वर महादेव मंदिर में अनोखी मन्नतें और दान
अचलेश्वर महादेव मंदिर की दान पेटियों से मिली अनोखी मन्नतें
ग्वालियर के अचलेश्वर महादेव मंदिर में दान पेटियों को खोले जाने के बाद केवल नकद चढ़ावे ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की दिलचस्प मन्नतें भी सामने आईं। इनमें से कुछ पर्चियों ने मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों और उपस्थित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। एक युवक की मन्नत सबसे अधिक चर्चित हो रही है, जिसमें उसने भगवान शिव से आर्थिक सफलता की कामना की और खुद पर कई नियम लागू करने का संकल्प लिया। एक छात्र ने री-नीट परीक्षा में सफलता और सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की प्रार्थना की। इन अनोखी मन्नतों की चर्चा हर जगह हो रही है।
महादेव के चरणों में लिखे गए अनोखे संकल्प
ग्वालियर का अचलेश्वर महादेव मंदिर एक प्राचीन स्वयंभू शिव मंदिर माना जाता है। यहां श्रद्धालु अपनी इच्छाओं को पर्चियों पर लिखकर दान पेटी में डालते हैं। जून महीने में दान पेटियों को बैंक और जिला प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति में खोला गया। इस दौरान चढ़ावे के साथ बड़ी संख्या में मन्नतों की पर्चियां भी निकाली गईं।
युवक ने अमीर बनने के लिए खुद पर लगाए नियम
दान पेटी से मिली एक पर्ची सबसे ज्यादा चर्चा में रही। युवक ने भगवान शिव से जल्द अमीर बनने की कामना की और लिखा कि वह खुद से बातें नहीं करेगा, बेवजह सपने नहीं देखेगा, बिना वादा किए कोई काम नहीं करेगा और जब तक उसकी मासिक आय एक लाख रुपये नहीं हो जाती, तब तक किसी के घर नहीं जाएगा।
एक पंक्ति ने सबको चौंका दिया
उसी पर्ची में युवक ने आगे लिखा कि अगले दो से तीन वर्षों में वह अमीर बनेगा और हमेशा खुश रहेगा। उसने यह भी संकल्प लिया कि सड़क पर चाहे कितने भी सुंदर लड़के दिखाई दें, वह उनकी ओर नहीं देखेगा। यह अनोखा संकल्प पढ़कर मंदिर ट्रस्ट के सदस्य और दान की गिनती में शामिल अधिकारी भी हैरान रह गए।
री-नीट परीक्षा के लिए भी मांगा आशीर्वाद
एक अन्य पर्ची में एक छात्र ने भगवान अचलेश्वर महादेव से री-नीट परीक्षा में अच्छे अंक लाने और मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने की प्रार्थना की। इसके अलावा कई श्रद्धालुओं ने परिवार के स्वास्थ्य, सरकारी नौकरी, आर्थिक संकट से राहत और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी मनोकामनाएं भी लिखीं।
दान पेटी में मिला लाखों का चढ़ावा
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, जून महीने की गणना में लगभग 20 सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों और डाक विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। दान पेटियों से 5 लाख 52 हजार 580 रुपये नकद, चांदी के नाग-नागिन के जोड़े और कुछ पुराने सिक्के भी मिले। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालु यहां केवल चढ़ावा ही नहीं, बल्कि अपनी उम्मीदें और जीवन के सपने भी भगवान शिव के चरणों में समर्पित करते हैं।