ग्वालियर में छात्रा की पहल से बदली दीवारों की तस्वीर
ग्वालियर में छात्रा की आवाज़ ने प्रशासन को किया सक्रिय
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 11वीं कक्षा की छात्रा आशी कुशवाह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर की दीवारों पर महिलाओं की योग करते हुए पेंटिंग्स के साथ हुई अश्लीलता के खिलाफ उन्होंने खुलकर अपनी आवाज उठाई। उनका वीडियो वायरल होते ही नगर निगम ने तुरंत उन दीवारों को साफ कराकर पुताई करवा दी।
पेंटिंग्स पर अश्लीलता का मामला
ग्वालियर की सड़कों पर महिलाओं की योगासनों की ब्लैक सिलुएट पेंटिंग्स लगाई गई थीं, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इन पर अश्लील निशान और खरोंचें बना दीं। आशी ने इन पेंटिंग्स का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया और लिखा कि महिलाएं अब पेंटिंग्स में भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब सोच ही बीमार है तो स्मार्ट सिटी का तमगा किस काम का है।
आशी का साहस
मीडिया से बातचीत में आशी ने कहा कि वह 11वीं कक्षा की छात्रा हैं और शुरुआत में डर महसूस हुआ, लेकिन चुप रहना सही नहीं लगा। उन्होंने बताया कि अगर वह इस गंदी मानसिकता को नजरअंदाज कर देतीं तो हालात कभी नहीं बदलते। कुछ लोगों ने उन पर शहर को बदनाम करने का आरोप लगाया, लेकिन कई लोगों ने उनके साहस की सराहना की।
आशी के वीडियो के बाद कई युवा मौके पर पहुंचे। एक छात्र लोकेंद्र सिंह उर्फ केतु पेंट और ब्रश लेकर वहां पहुंचे और पेंटिंग्स पर बने आपत्तिजनक निशानों को खुद साफ किया। लोकेंद्र ने कहा कि इस तरह की हरकतें शहर की छवि खराब करती हैं और महिलाओं के प्रति बीमार सोच को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर पुरुष की सोच ऐसी नहीं होती और इस संदेश को देना जरूरी था।
नगर निगम की कार्रवाई
सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बाद ग्वालियर नगर निगम ने तुरंत कार्रवाई की। निगम की टीम ने सभी आपत्तिजनक पेंटिंग्स को सफेद रंग से ढंक दिया। निगम ने बताया कि अब इन दीवारों पर नए सिरे से कलाकृतियां बनाई जाएंगी। 11 जनवरी को Gen Z युवाओं को बुलाकर पेंटिंग्स बनवाने और उन्हें सम्मानित करने की योजना है।