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ग्वालियर में भयानक सड़क हादसा: 8 की मौत, 25 घायल

ग्वालियर में एक भयानक सड़क हादसे में आठ लोगों की जान चली गई और 25 अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना रात करीब 12 बजे हुई, जब मजदूरों से भरा एक लोडिंग वाहन एक ट्रक से टकरा गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानें इस घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
 

ग्वालियर में सड़क दुर्घटना


ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई है। यह घटना नेशनल हाईवे-79 पर रात लगभग 12 बजे हुई, जब मजदूरों से भरा एक लोडिंग वाहन एक ट्रक से टकरा गया। टक्कर इतनी भयंकर थी कि वाहन पलट गया। इस हादसे में आठ लोगों की जान चली गई और लगभग 25 मजदूर घायल हुए। सभी घायलों को ग्वालियर के जय आरोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य की हालत स्थिर है।


यह दुर्घटना चिन्का (छमका) के निकट हुई। पुलिस अधिकारी राम महेश यादव के अनुसार, ये सभी मजदूर धान की रोपाई के लिए डबरा क्षेत्र के चनोर में आए थे। काम खत्म होने के बाद वे अपने घर लौट रहे थे, तभी ट्रक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। एक घायल मजदूर ने बताया कि वे गांव की ओर जा रहे थे, तभी ट्रक ने टक्कर मारी और पूरा वाहन पलट गया, जिससे कई साथी घायल हुए और कुछ की जान चली गई।


पुलिस की प्रतिक्रिया

पुलिस का बयान


भिंड जिले के गोहद चौराहा थाने के इंचार्ज रामनरेश यादव ने कहा, "नेशनल हाईवे 719 पर आधी रात के करीब एक हादसा हुआ। इसमें कुछ लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। ये लोग धान की रोपाई के काम के लिए आए थे और घर लौट रहे थे, तभी एक ट्रक से उनकी टक्कर हो गई। हम पीड़ितों के परिवारों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं और मृतकों की संख्या की पुष्टि कर रहे हैं।"


राहत और बचाव कार्य

बचाव कार्य जारी


दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर घायलों को वाहन से बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में कई घायल स्ट्रेचर पर लेटे हुए थे, कुछ के सिर पर पट्टियां बंधी थीं। डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। पुलिस ने ट्रक को पकड़ लिया है और ट्रक ड्राइवर के घायल होने की संभावना है। इसकी जांच की जा रही है।


राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की पूरी कोशिश की जा रही है। डॉक्टरों से उनकी स्थिति की नियमित जानकारी ली जा रही है।