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घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, सेंसेक्स में 460 अंक की कमी

घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला बृहस्पतिवार को भी जारी रहा, जिसमें बीएसई सेंसेक्स 460 अंक लुढ़क गया। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और कौन से शेयर लाभ में रहे।
 

बाजार में गिरावट का कारण


कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के चलते घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का दौर बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। बीएसई सेंसेक्स 460 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी में भी 124 अंक की कमी आई।


विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने निवेशकों की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया। इसके अलावा, वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के चलते एफएमसीजी, बिजली और आईटी जैसे क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव बढ़ा।


सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

बीएसई सेंसेक्स 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,249.39 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 704.58 अंक गिरकर 73,005.11 अंक के निचले स्तर पर भी पहुंच गया।


एनएसई निफ्टी भी 123.70 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की कमी के साथ 22,687.65 अंक पर बंद हुआ, जबकि कारोबार के दौरान यह 256.5 अंक गिरकर 22,554.85 अंक तक पहुंच गया।


गिरावट वाले और लाभ में रहने वाले शेयर

सेंसेक्स में गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज शामिल हैं।


वहीं, लाभ में रहने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और भारती एयरटेल शामिल रहे।


विश्लेषकों की राय

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे महंगाई की चिंता बढ़ी है।


उन्होंने बताया कि घरेलू बॉण्ड प्रतिफल के उच्च स्तर पर लौटने से शेयरों के मूल्यांकन पर फिर से विचार किया जाने लगा, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ा।


वैश्विक बाजारों का प्रभाव

एशिया के अन्य बाजारों में भी गिरावट देखी गई, जैसे दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी गिरावट का रुख था।


वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत तीन प्रतिशत बढ़कर 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।