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चंडीगढ़ में घायल पशु-पक्षियों के लिए नई एंबुलेंस सेवा की शुरुआत

चंडीगढ़ में घायल और बेसहारा पशु-पक्षियों की सहायता के लिए एक नई एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है। चंडीगढ़ पेट लवर्स एसोसिएशन द्वारा शुरू की गई इस सेवा का उद्देश्य त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। इस पहल के पीछे संस्था के अध्यक्ष विनोद कुमार का योगदान है, जो लंबे समय से पशु कल्याण और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय हैं। जानें इस सेवा के महत्व और संस्था की अन्य गतिविधियों के बारे में।
 

पशु-पक्षियों की सहायता के लिए एंबुलेंस सेवा


चंडीगढ़ में पशु और पक्षियों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। चंडीगढ़ पेट लवर्स एसोसिएशन ने घायल और बेसहारा जीवों की सहायता हेतु एक विशेष एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की है। इस सेवा का उद्घाटन भाजपा चंडीगढ़ के अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने किया।


तत्काल चिकित्सा सहायता का उद्देश्य

इस नई सेवा का मुख्य उद्देश्य शहर में घायल, बीमार और असहाय पशु-पक्षियों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। अक्सर सड़क दुर्घटनाओं या अन्य कारणों से घायल होने वाले जीवों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती थी। अब इस एंबुलेंस सेवा के शुरू होने से ऐसे जीवों को राहत मिलने की उम्मीद है।


संस्थान की पशु सेवा में सक्रियता

चंडीगढ़ पेट लवर्स एसोसिएशन लंबे समय से पशु कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में संलग्न है। संस्था के अध्यक्ष विनोद कुमार (सोनू) ने पशु-पक्षियों की सेवा को अपने जीवन का मिशन बना लिया है। वे वर्तमान में चंडीगढ़ प्रशासन के बुड़ैल जेल स्थित जू के इंचार्ज भी हैं। उनके नेतृत्व में संस्था हर साल शहर में फलदार और छायादार पौधों का रोपण करती है। इसके अलावा, पक्षियों के लिए घोंसले और दाना-पानी के पात्र भी निःशुल्क वितरित किए जाते हैं।


कोरोना काल में सामाजिक जिम्मेदारी

कोरोना महामारी के दौरान, जब अधिकांश लोग घरों में थे, तब भी सीपीएलए की टीम सक्रिय रही। विनोद कुमार और उनके सहयोगियों ने शहर में घूमकर आवारा कुत्तों और अन्य बेसहारा पशुओं के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की। इस मानवीय कार्य को नागरिकों ने सराहा और विनोद कुमार को उनके योगदान के लिए चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम द्वारा स्टेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।