चंडीगढ़ में छात्रों का प्रदर्शन: पेपर लीक के खिलाफ उठी आवाज
चंडीगढ़ में छात्रों का आंदोलन जारी
चंडीगढ़: चंडीगढ़ के सेक्टर-17 प्लाजा में पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ गुरुवार को आंदोलन का सिलसिला जारी रहा। दूसरे दिन बड़ी संख्या में युवा, छात्र और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें दोहराईं और कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। पूरे प्रदर्शन के दौरान लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया गया और सरकार से छात्रों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील की गई।
प्रदर्शन में छात्रों की सक्रियता
पेपर लीक के मुद्दे पर सेक्टर-17 प्लाजा में दूसरे दिन भी प्रदर्शनकारियों की अच्छी-खासी संख्या रही। हाथों में पोस्टर लिए युवाओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की। यह प्रदर्शन लगभग चार से पांच घंटे तक चला, जिसमें विभिन्न संगठनों ने अपने-अपने तरीके से विरोध दर्ज कराया। पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल शांतिपूर्ण बना रहा।
मौन प्रदर्शन का सांकेतिक संदेश
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर लगभग पांच मिनट तक मौन प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थन का प्रतीक है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि उनकी मांगें शिक्षा व्यवस्था से संबंधित हैं और उन पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
प्रमुख मांगें
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई और पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मेहनत करने वाले लाखों छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता
युवाओं ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था से ही छात्रों का भरोसा दोबारा मजबूत हो सकेगा।
मोमोज का लंगर
प्रदर्शन के दौरान एक अलग पहल भी देखने को मिली। खरड़ से आए अंकुश ने प्रदर्शनकारियों के लिए मोमोज का लंगर लगाया। उन्होंने बताया कि आंदोलन में शामिल लोगों को भोजन उपलब्ध कराने और उनके प्रति समर्थन जताने के उद्देश्य से यह सेवा शुरू की गई। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे एकजुटता का प्रतीक बताया।