चंडीगढ़ में सफाई के लिए नई पहल: नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा
सफाई के लिए नागरिकों की भागीदारी
चंडीगढ़ को स्वच्छ रखने के लिए नगर निगम ने एक नई पहल शुरू की है, जिसमें नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। अब शहर में कहीं भी खुले में कचरा फेंकने, निर्माण मलबा डालने या गंदगी फैलाने की शिकायतें सीधे WhatsApp के माध्यम से दर्ज की जा सकेंगी। इस उद्देश्य के लिए नगर निगम ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से सफाई अभियान को मजबूती मिलेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
WhatsApp हेल्पलाइन नंबर
नगर निगम ने WhatsApp हेल्पलाइन नंबर 9915762917 जारी किया है। नागरिक सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने, मलबा डालने या गंदगी फैलाने की तस्वीरें या वीडियो इस नंबर पर भेज सकते हैं। शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम इसकी जांच करेगी। नगर निगम ने आश्वासन दिया है कि शिकायत करने वाले की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई
नगर निगम का कहना है कि यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं है, बल्कि लोगों में सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने की जिम्मेदारी का एहसास भी बढ़ाना है।
नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील
नगर निगम आयुक्त अमित कुमार (आईएएस) ने शहरवासियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से शहर को साफ रखना संभव नहीं है। यदि नागरिक गंदगी फैलाने वालों की जानकारी समय पर देंगे, तो शहर को अधिक स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग
WhatsApp के अलावा, नागरिक Swachhata App और I’m Chandigarh App के माध्यम से भी सफाई से संबंधित शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। इन प्लेटफॉर्म पर वेस्ट कलेक्शन, सफाई व्यवस्था और अन्य सैनिटेशन सेवाओं की निगरानी भी की जा सकती है। नगर निगम का दावा है कि सभी शिकायतों पर संबंधित अधिकारी जल्द कार्रवाई करेंगे।
डीप क्लीनिंग अभियान
इन दिनों नगर निगम पूरे शहर में डीप क्लीनिंग ड्राइव चला रहा है। सड़क किनारे, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख मार्गों की विशेष सफाई की जा रही है। निगम का मानना है कि यदि नागरिक शिकायत दर्ज कराने में सहयोग करेंगे, तो खुले में कचरा फेंकने की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी और शहर की स्वच्छ पहचान को मजबूत किया जा सकेगा।