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चमोली में जलसैलाब से पुल और वाहन बह गए, बीआरओ कर्मी लापता

उत्तराखंड के चमोली जिले की नीती घाटी में अचानक आए जलसैलाब ने भारी तबाही मचाई है। इस घटना में वैली ब्रिज बह गया और एक बीआरओ कर्मी लापता हो गया है। रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुँच गई हैं, लेकिन बारिश और अंधेरे के कारण राहत कार्य में कठिनाई आ रही है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। जानें इस घटना के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

चमोली में जलसैलाब का कहर

उत्तराखंड: भारत-चीन सीमा के निकट स्थित चमोली जिले की नीती घाटी से भयावह दृश्य सामने आए हैं। यहाँ, तमक नाले में अचानक जलसैलाब आ गया, जिससे वैली ब्रिज बह गया। इसके साथ ही एक बीआरओ कर्मी और कुछ वाहन भी बहने की सूचना है। रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गई हैं।


जानकारी के अनुसार, यह घटना ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर शाम लगभग 5:30 बजे हुई। अचानक आए जलसैलाब में 123 बीआरटीएफ द्वारा निर्मित वैली ब्रिज बह गया। इसके अलावा, जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) का स्कॉर्पियो वाहन और एक बोलेरो कैंपर भी प्रभावित हुए। स्कॉर्पियो चालक नायक पंकज कुमार के बहने की खबर है, जिनकी तलाश जारी है।



तेज बहाव और मलबे ने क्षेत्र में भारी नुकसान पहुँचाया। नाले का पानी इतना तेज था कि वैली ब्रिज भी इसकी चपेट में आकर बह गया। कुछ ही क्षणों में नाले ने ऐसा विकराल रूप धारण कर लिया कि आसपास का पूरा इलाका मलबे और पानी से भर गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।


पुल के बहने से नीती घाटी की आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई है, जिससे जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क टूट गया है। बताया जा रहा है कि तमक क्षेत्र में लगातार तीन बार अतिवृष्टि हुई, जिसके कारण नाले में अचानक पानी का प्रवाह बढ़ गया। रेस्क्यू कार्य में भारी बारिश और अंधेरे के कारण कठिनाई आ रही है। सुबह व्यापक स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाएगा।



सुरक्षा के मद्देनजर सुरईथोटा से तमक की ओर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। धौलीगंगा नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए सूचित किया जा रहा है। जल विद्युत परियोजनाओं में कार्यरत कंपनियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है।


बीआरओ के एक कर्मचारी पंकज कुमार के लापता होने की सूचना है। ज्योतिर्मठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि मेजर से बातचीत में एक कर्मी के लापता होने की जानकारी मिली है। तेज बारिश और पानी के बढ़े बहाव के कारण उनका पता नहीं चल पाया है।



वीडियो में तेज बहाव में एक पिकअप वाहन बहता हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि सड़क पर एक पोकलैंड मशीन भी पानी में फंसी नजर आ रही है। इस दौरान वीडियो बना रहा युवक चिल्लाते हुए कह रहा है, 'वो बह गया... वो बह गया'।


नीती घाटी में हुई भारी बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस नदी किनारे रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रही है। प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि मौसम सामान्य होने और मार्ग की स्थिति स्पष्ट होने तक नीती घाटी की ओर यात्रा से बचें।

किसी भी प्रकार की जोखिम भरी यात्रा न करें और प्रशासन की ओर से जारी सूचना का पालन करें। चमोली में हाल ही में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था। नीती घाटी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अतिवृष्टि ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

सीएम धामी ने वैली ब्रिज के बहने के कारण प्रभावित गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों से ग्रामीणों तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जाए।

चमोली जनपद की नीति घाटी में अतिवृष्टि के कारण हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को बंद मार्ग पर आवाजाही शीघ्र बहाल करने हेतु वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और आमजन को…

— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 10, 2026

सीएम धामी ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रखा जाए। आवश्यकता के अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी न रखने के निर्देश दिए हैं। सभी संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।

उन्होंने बताया कि ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाला में 123 बीआरटीएफ द्वारा निर्मित वैली ब्रिज अत्यधिक जलप्रवाह के कारण बह गया है। घटना के संबंध में मिली सूचना के अनुसार नाले में अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से एक व्यक्ति और एक वाहन (कैंपर) के बहने की सूचना मिली है।

उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों की ओर से भी आवश्यक राहत एवं बचाव कार्रवाई की जा रही है। घटनास्थल पर स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल, सुरक्षा के मद्देनजर ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है।