चारधाम यात्रा 2026: पहले दिन एक श्रद्धालु की दुखद मौत
यमुनोत्री धाम यात्रा में श्रद्धालु का निधन
नासिक के श्रद्धालु ने यात्रा के दौरान खोया जीवन
चारधाम यात्रा 2026 (देहरादून): इस वर्ष की चारधाम यात्रा का आरंभ 19 अप्रैल को हुआ। यात्रा के पहले दिन ही एक दुखद घटना घटी, जब यमुनोत्री धाम की यात्रा पर गए नासिक के एक यात्री की चढ़ाई के दौरान मृत्यु हो गई। चिकित्सकों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मौत का कारण सांस संबंधी बीमारी बताया गया है।
जानकीचट्टी अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, एक नेपाली मूल का श्रमिक मृतक को अस्पताल लाया। डॉ. हरदेव सिंह ने बताया कि मृतक की उम्र लगभग 65 वर्ष थी। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मृत्यु सांस संबंधी समस्या के कारण हुई। एसआई राजेश कुमार ने कहा कि मृतक के अन्य साथी यमुनोत्री धाम गए हैं, और उनकी पहचान उनके साथियों के आने के बाद ही हो सकेगी।
अक्षय तृतीया पर धाम के कपाट खोले गए
अक्षय तृतीया के अवसर पर, रविवार को उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। इसके साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत हुई। पहले दिन ही हजारों श्रद्धालु दोनों धामों में पहुंचे। बाबा केदार के दर्शन 22 अप्रैल से किए जा सकेंगे। गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12:15 बजे खोले गए, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी शामिल हुए। इसके बाद यमुनोत्री धाम के कपाट 12:35 बजे खोले गए।
सीएम पुष्कर धामी ने की पूजा
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पूजा की गई, जिसमें देश की भलाई और शांति की कामना की गई। पूजा के बाद आम श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी गई। यमुनोत्री के पुजारी के अनुसार, दोपहर तक लगभग 5000 भक्त धाम में मौजूद थे। गंगोत्री धाम पर भी भारी भीड़ थी।
चारधाम यात्रा के लिए सीएम की अपील
सीएम धामी ने सभी देशवासियों से चारधाम यात्रा पर आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। केदारनाथ धाम के कपाट 22 और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। चारों धाम की यात्रा पूरी तरह से शुरू हो जाएगी। यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है, जिसे श्रद्धालु ऑनलाइन या हरिद्वार, ऋषिकेश और विकासनगर में ऑफलाइन करवा सकते हैं।