चेन्नई में प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान की अवधि बढ़ाई गई
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन का निर्णय
चेन्नई: ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) ने शहर के संपत्ति मालिकों को राहत प्रदान करते हुए प्रॉपर्टी टैक्स वसूली अभियान की समय सीमा को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि वर्तमान आकलन अवधि में लगभग आधे संपत्ति मालिकों ने अपना टैक्स अभी तक जमा नहीं किया है।
कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, चेन्नई में कुल 14.23 लाख संपत्तियों का आकलन किया गया है। इनमें से केवल 6.98 लाख संपत्ति मालिकों ने ही अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा किया है, जबकि 7.25 लाख संपत्ति मालिकों ने अभी तक भुगतान नहीं किया है। इसी कारण नगर निगम ने अगले दो सप्ताह में टैक्स वसूली अभियान को तेज करने का निर्णय लिया है।
विशेष टैक्स संग्रह शिविर 3 जुलाई से शुरू हुए थे और पहले इन्हें 17 जुलाई तक चलाने की योजना थी। लेकिन टैक्स बकाया की बड़ी संख्या और राजस्व संग्रह बढ़ाने की आवश्यकता को देखते हुए अब इन शिविरों को 31 जुलाई तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह विशेष अभियान चेन्नई के सभी 15 जोन में टैक्स संग्रह शिविरों के माध्यम से चलाया जाएगा। इसके साथ ही निगम कर्मचारियों को लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने और समय सीमा से पहले टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि देरी होने पर लगने वाले अतिरिक्त ब्याज से बचा जा सके।
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के लिए प्रॉपर्टी टैक्स आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जिससे हर साल लगभग 1,800 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होता है। इसी राशि का उपयोग शहर में विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों के लिए किया जाता है।
कॉर्पोरेशन के अनुसार, 3 जुलाई से 15 जुलाई के बीच विशेष टैक्स संग्रह शिविरों के माध्यम से लगभग 96 करोड़ रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स एकत्र किया गया है। प्रॉपर्टी टैक्स से प्राप्त राशि का उपयोग ठोस कचरा प्रबंधन, सड़कों के रखरखाव, स्ट्रीट लाइट, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, पार्कों के रखरखाव और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाता है। अधिकारियों ने कहा कि समय पर टैक्स जमा करना शहर की आवश्यक सेवाओं को बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
निगम ने बताया कि नागरिक ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर सकते हैं या फिर शहर में लगाए गए किसी भी विशेष टैक्स संग्रह शिविर में जाकर भुगतान कर सकते हैं।
कॉर्पोरेशन ने सभी बकायेदार संपत्ति मालिकों से अपील की है कि वे 31 जुलाई से पहले अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा करें, ताकि विलंब से भुगतान करने पर लगने वाले अतिरिक्त वित्तीय जुर्माने और ब्याज से बचा जा सके।