जबलपुर में बरगी बांध क्रूज हादसे की जांच में चौंकाने वाले तथ्य
जबलपुर में क्रूज दुर्घटना का विवरण
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी बांध जलाशय में हुए क्रूज हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अचानक आए भयंकर तूफान और मिनी टॉरनेडो जैसे बवंडर के कारण क्रूज मात्र 30 सेकंड में पानी में डूब गया। इस दुर्घटना में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं।
दुर्घटना के समय क्रूज में कुल 41 पर्यटक मौजूद थे। शनिवार को राहत और बचाव दल ने दो और शवों को बरामद किया। प्रशासन लापता व्यक्तियों की खोज में जुटा हुआ है। वहां उपस्थित लोगों के अनुसार, मौसम अचानक बदल गया और तेज हवाओं के साथ ऊंची लहरें उठने लगीं।
दुर्घटना का कारण क्या था?
जांच में यह पाया गया कि 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही हवाओं और विपरीत दिशा से आ रही तेज लहरों ने क्रूज का संतुलन बिगाड़ दिया। देखते ही देखते, क्रूज पानी में डूब गया। विशेषज्ञों ने इस स्थिति को अत्यंत दुर्लभ बताया और इसे बरमूडा ट्रायंगल जैसी असामान्य प्राकृतिक घटना से जोड़ा है।
क्रूज का मेंटेनेंस कब हुआ था?
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि क्रूज तकनीकी रूप से संचालन के लिए उपयुक्त था। इसका पूरा मेंटेनेंस जुलाई 2024 में किया गया था। यह मजबूत फाइबर रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक से निर्मित था और इसे सुरक्षित क्रूज माना जाता था।
क्रूज में पानी निकालने के लिए मोटर पंप भी मौजूद था, लेकिन तेज लहरों के कारण क्रूज का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। पानी इतनी तेजी से अंदर आया कि पंप का उपयोग करने का अवसर ही नहीं मिला।
जांच में यह भी सामने आया कि क्रूज में मौसम की ताजा जानकारी देने वाला कोई सिस्टम नहीं था। यदि मौसम अलर्ट सिस्टम होता, तो संभवतः इस दुर्घटना को टाला जा सकता था।
कहां हुई चूक?
यह क्रूज हैदराबाद बोट बिल्डर्स द्वारा निर्मित किया गया था। कंपनी के द्वारा बनाए गए लगभग 100 क्रूज देशभर में चल रहे हैं। यह कैटामरान डिजाइन पर आधारित था, जिसे सामान्यतः काफी सुरक्षित माना जाता है। वर्तमान में प्रशासन इस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है और यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि खराब मौसम के बावजूद क्रूज को संचालन की अनुमति क्यों दी गई।