जमुई में नाबालिगों के साथ हुई घटना: पुराना मामला फिर से सुर्खियों में
जमुई केस: एक पुरानी कहानी का नया मोड़
जमुई में नाबालिगों के साथ हुई एक घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। मुख्य आरोपी नंदन यादव के पिता, गनौरी यादव, का नाम एक ऐसे मामले से जुड़ा पाया गया है, जो 2003 में घटित हुआ था। उस समय प्रतापपुर गांव में दो भाइयों की निर्मम हत्या की गई थी। गनौरी यादव उस मामले में आरोपी थे और तब से फरार चल रहे थे, जबकि अन्य आरोपी जमानत पर बाहर आ चुके थे.
भाईयों की हत्या का कारण ठेके का विवाद
पुलिस के अनुसार, 3 अप्रैल 2003 को प्रतापपुर गांव में डीपी यादव और पुने यादव नामक दो भाइयों की हत्या ठेके के काम को लेकर विवाद के चलते हुई थी। भाइयों की मां, संसारी देवी, ने टाउन थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें गनौरी यादव को भी आरोपी बनाया गया था। उन पर हत्या, दंगा और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई थीं.
पिता की गिरफ्तारी बेटे की मुठभेड़ के बाद
गनौरी यादव की गिरफ्तारी उस समय हुई जब उनके 25 वर्षीय बेटे नंदन यादव को जमुई छेड़छाड़ मामले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी। मंगलवार सुबह, नदी किनारे तलाशी अभियान के दौरान नंदन ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। पुलिस ने उसके पास से एक देसी पिस्तौल भी बरामद की.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से शुरू हुई कार्रवाई
यह मामला तब सामने आया जब जमुई में दो नाबालिगों से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पुलिस के अनुसार, एक लड़का और लड़की ट्यूशन के बाद पहाड़ी इलाके में गए थे, जहां उन्हें घेरकर मारपीट की गई। वीडियो के आधार पर पुलिस ने नंदन की पहचान की और मामला पॉक्सो एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दर्ज किया गया। जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है.
वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई
इस घटनाक्रम में एक और आरोपी, हरेराम यादव, भी पुलिस कार्रवाई में घायल हुआ, जिसका नाम पहले भी एक लूट के मामले में सामने आ चुका था। वहीं, वीडियो प्रसारित करने के मामले में जमुई साइबर थाने ने भी केस दर्ज किया है। पुलिस ने लगभग 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल की पहचान की है, जिनमें से तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.