जम्मू-कश्मीर में विवादास्पद किताब पर कार्रवाई: 8 अधिकारी निलंबित
जम्मू-कश्मीर में किताब विवाद
जम्मू: जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में 'पर्सनैलिटीज एंड लीजेंड्स ऑफ जेएंडके' नामक किताब को लेकर एक गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर आरोप लगाया है कि वह स्कूलों में 'एकेडमिक जिहाद' चला रही है और इस किताब पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की है। विवाद बढ़ने पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 8 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों को हटाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही, सरकार ने इस विवादास्पद किताब की सभी प्रतियों को वापस मंगाने का निर्णय लिया है।
किताब में विवादास्पद सामग्री
मकबूल भट्ट को 'शहीद' बताया गया
बीजेपी विधायक सुनील शर्मा ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस किताब के बारे में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए। उन्होंने कहा कि इस किताब में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के सदस्य मकबूल भट्ट को 'शहीद' के रूप में दर्शाया गया है। इसके अलावा, किताब में अलगाववादी नेताओं जैसे सैयद अली शाह गिलानी और मसरत आलम के विचारों को भी बढ़ावा दिया गया है। बीजेपी का कहना है कि इस किताब में आतंकवादियों और पत्थरबाजों का महिमामंडन किया गया है, जबकि सुरक्षा बलों को नकारात्मक रूप में पेश किया गया है।
सरकार की कार्रवाई और जांच
किताबें वापस मंगाई गईं
जम्मू-कश्मीर सरकार ने विवाद बढ़ने के बाद इस किताब को स्कूलों से तुरंत वापस मंगाने का निर्णय लिया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, जून में समग्र शिक्षा योजना के तहत भेजी गई इस किताब की शिकायतें मिलने के बाद इसे 3 जुलाई को वापस मंगाने के आदेश दिए गए थे। उपराज्यपाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 अधिकारियों को निलंबित किया है और इस विवाद की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
बीजेपी की मांगें और मुख्यमंत्री का बयान
बीजेपी विधायक सुनील शर्मा ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है और शिक्षा मंत्री सकीना इटू को बर्खास्त करने की मांग की है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने अभी तक किताब नहीं पढ़ी है और जांच के बाद ही कोई निर्णय लेंगे। यह ध्यान देने योग्य है कि 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से शिक्षण संस्थानों की किताबों की समीक्षा की जा रही है।