जयपुर में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर छात्रों का प्रदर्शन जारी
छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग में उग्र प्रदर्शन
जयपुर में छात्रसंघ चुनावों को पुनः शुरू करने की मांग ने एक नया मोड़ ले लिया है। टोंक फाटक पर स्थित पानी की टंकी पर चढ़े तीन छात्र लगातार दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें मौके पर तैनात हैं और छात्रों को सुरक्षित नीचे लाने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अडिग हैं और सरकार से ठोस लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।
छात्रों का प्रदर्शन जारी
NSUI से जुड़े विजयपाल कुड़ी, कोशेन खान और विओना जाट पानी की टंकी पर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में छात्रसंघ चुनावों को जल्द बहाल किया जाए और जंतर मंतर लाठीचार्ज मामले में जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका मानना है कि छात्रों की लोकतांत्रिक भागीदारी लंबे समय से बाधित हो रही है।
सुरक्षा व्यवस्था में बढ़ोतरी
प्रदर्शन स्थल पर पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए टंकी के चारों ओर सुरक्षा जाल लगाया गया है। मौके पर मेडिकल टीम, एंबुलेंस, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
संवाद के जरिए समाधान की कोशिश
गांधीनगर के एसीपी नारायण बाजिया ने स्वयं टंकी पर जाकर छात्रों से बातचीत की। पुलिस लाउडस्पीकर और मोबाइल फोन के माध्यम से भी संवाद कर रही है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें बिना किसी नुकसान के सुरक्षित नीचे लाने का प्रयास जारी है।
चुनाव बहाली की मांग पर अडिग
छात्रों का कहना है कि पिछले चार वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं मिल रहा है। उनका मानना है कि सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए और चुनाव प्रक्रिया को फिर से शुरू करना चाहिए।
हाईकोर्ट में मामला, आंदोलन जारी
छात्रसंघ चुनाव से संबंधित मामला वर्तमान में राजस्थान हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सरकार सकारात्मक पहल करते हुए स्पष्ट रुख अपनाए। दूसरी ओर, प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल, तीनों छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं।