जयपुर में निर्माण कार्य के दौरान दीवार गिरने से तीन मजदूरों की मौत
दर्दनाक हादसा जयपुर के आमेर में
जयपुर के आमेर क्षेत्र में सोमवार को एक गंभीर घटना हुई। चंदवाजी थाना क्षेत्र के तालामोड़ के पास अरावली पैलेस रिजॉर्ट में निर्माण कार्य के दौरान एक दीवार अचानक गिर गई। इस हादसे के समय कई श्रमिक वहां काम कर रहे थे। दीवार के मलबे में दबने से तीन लोगों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए।
निर्माण कार्य के दौरान हुई दुर्घटना
जानकारी के अनुसार, अरावली पैलेस रिजॉर्ट में बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जा रहा था। इसी दौरान सीवरेज गड्ढे की मरम्मत का कार्य भी चल रहा था। अचानक दीवार का एक बड़ा हिस्सा गिर पड़ा, जिससे मलबा काम कर रहे श्रमिकों पर गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा इतना अचानक हुआ कि श्रमिकों को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया।
तीन श्रमिकों की मौके पर मृत्यु
पुलिस के अनुसार, मलबे में दबने से दो महिला श्रमिकों और एक पुरुष श्रमिक की मृत्यु हो गई। तीन अन्य श्रमिकों को गंभीर स्थिति में अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका उपचार जारी है। मृतकों की पहचान की जा रही है और उनके परिवारों को सूचित किया जा रहा है। इस घटना ने श्रमिकों के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया है।
राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही चंदवाजी थाना पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे। राहत टीम ने तुरंत मलबा हटाने का कार्य शुरू किया और दबे हुए श्रमिकों को बाहर निकाला। सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए थे, जिससे व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को कठिनाई का सामना करना पड़ा। बचाव कार्य कई घंटों तक चलता रहा।
हादसे की जांच की जाएगी
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दीवार गिरने का कारण क्या था। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के असली कारणों का पता चलेगा। इस घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर से सवाल उठाए हैं।