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जयपुर में सरकारी स्कूल विवाद: CJP कार्यकर्ताओं पर हमला, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

जयपुर के बगरू क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जब CJP के कार्यकर्ताओं ने स्कूल की स्थिति का निरीक्षण किया। स्थानीय निवासियों ने उनका विरोध किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। CJP ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया और उनकी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया। आशुतोष रांका ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है।
 

जयपुर में स्कूल विवाद की शुरुआत


शुक्रवार सुबह, जयपुर के बगरू क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में एक सरकारी स्कूल को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत, पार्टी के कुछ सदस्य राजकीय प्राथमिक स्कूल की स्थिति का निरीक्षण करने पहुंचे। जैसे ही कार्यकर्ता वहां पहुंचे, कुछ स्थानीय निवासियों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया और उन्हें वहां से जाने के लिए कहा।


विरोध और तनाव की स्थिति

विरोध के बढ़ने पर कार्यकर्ताओं को गांव छोड़ना पड़ा। थोड़ी देर बाद, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका भी घटनास्थल पर पहुंचे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई और ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी।


धक्का-मुक्की और आरोप

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ समय बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। CJP ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और उनकी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया। आरोप है कि वाहनों के शीशे तोड़ने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं पर रेत और पत्थर भी फेंके गए। CJP ने इस घटना को राजनीतिक विरोध से जोड़ते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया।


आशुतोष रांका के गंभीर आरोप

आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर यह दावा किया कि स्कूल में पहुंचे लोगों में कई भाजपा के बुलाए हुए लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि उनके साथियों के साथ मारपीट की गई और कमल प्रधान नामक व्यक्ति इस समूह का नेतृत्व कर रहा था, जिस पर गरीबों की जमीन पर कब्जे के आरोप हैं।


रांका ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की कोशिश स्वीकार नहीं है। इस घटना पर अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि राजस्थान में आशुतोष रांका पर भाजपा के लोगों ने हमला किया और पुलिस की मौजूदगी में यह सब हुआ। वर्तमान में, इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।