×

जालंधर में 600 करोड़ रुपये का ठोस कचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट शुरू

जालंधर शहर में 600 करोड़ रुपये के ठोस कचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है, जिससे सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। इस परियोजना के तहत घर-घर से कचरा संग्रह, प्रसंस्करण और जैविक खाद का निर्माण किया जाएगा। हालांकि, सफाई कर्मचारी यूनियनों ने इस प्रोजेक्ट के खिलाफ हड़ताल की घोषणा की है। जानें इस प्रोजेक्ट के बारे में और क्या हैं इसके संभावित लाभ और चुनौतियाँ।
 

जालंधर की सफाई व्यवस्था में नया मोड़


जालंधर शहर की सफाई व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन होने जा रहा है। नगर निगम की वित्त एवं ठेका समिति ने लगभग 600 करोड़ रुपये के ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना को हरी झंडी दे दी है। यह परियोजना बीवीजी इंडिया लिमिटेड को दी गई है। इस योजना के अंतर्गत घर-घर से कचरा संग्रह, विभिन्न प्रकार के कचरे का प्रसंस्करण और गीले कचरे से जैविक खाद का निर्माण किया जाएगा। निगम इस कंपनी को हर साल 75 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा। हालांकि, इस परियोजना के खिलाफ सफाई कर्मचारी संघों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं।


कंपनी को आठ साल का अनुबंध

इस परियोजना की प्रारंभिक अवधि तीन साल निर्धारित की गई थी, लेकिन कंपनियों ने इतनी कम अवधि में काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद, अवधि को बढ़ाकर आठ साल कर दिया गया। कंपनी लगभग 450 छोटे वाहनों के माध्यम से घर-घर से कचरा उठाएगी। योजना के अनुसार, प्रतिदिन 631 मीट्रिक टन कचरा एकत्र किया जाएगा और 1,800 से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।


वाहनों की निगरानी के लिए GPS

कचरा उठाने वाले सभी वाहनों में जीपीएस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके संचालन की निगरानी के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन भी विकसित किया जाएगा, जिससे अधिकारी वास्तविक समय में वाहनों की स्थिति का पता लगा सकेंगे। घरों से कचरा एमआरएफ केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा, जहां आधुनिक मशीनों द्वारा उसका वर्गीकरण किया जाएगा। गीले कचरे को वरियाणा डंप साइट पर भेजकर खाद तैयार की जाएगी, जिसके लिए निगम ने नौ एकड़ भूमि खरीदी है।


सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद

इस परियोजना के कार्यान्वयन के बाद, घरों और बाजारों से निकलने वाले कचरे का संग्रह और प्रसंस्करण एक व्यवस्थित तरीके से होने की संभावना है। इससे सड़कों, खाली प्लॉटों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा जमा होने की समस्या में कमी आ सकती है। वरियाणा डंप पर दबाव कम होने से आग, बदबू और प्रदूषण की समस्याएं भी घटने की उम्मीद है। बेहतर सफाई व्यवस्था से शहर की स्वच्छता रैंकिंग में भी सुधार की संभावना जताई गई है।


यूनियनों का विरोध और हड़ताल की घोषणा

प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद, पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन ने विरोध में हड़ताल की घोषणा की है। यूनियन नेता सन्नी सहोता के अनुसार, प्रशासन ने इस निर्णय से पहले संगठनों से बातचीत नहीं की। 15 से अधिक यूनियनों के समर्थन का दावा किया गया है। बंटू सभ्रवाल के नेतृत्व वाले संगठनों ने भी विरोध जताते हुए अगली बैठक में सफाई व्यवस्था को ठप करने की चेतावनी दी है।