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जालंधर में BSF मुख्यालय के पास विस्फोट की जांच में नए खुलासे

जालंधर में BSF पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के पास हुए विस्फोट की जांच में नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल फोन से मिले सुरागों ने संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका को जन्म दिया है। जांच में संदिग्ध नंबरों के संपर्क और उनकी गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। जानें इस मामले में क्या नए खुलासे हो रहे हैं और सुरक्षा एजेंसियां किस तरह की कार्रवाई कर रही हैं।
 

जालंधर में विस्फोट की जांच में नए तथ्य


जालंधर: जालंधर में BSF पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के निकट हुए विस्फोट की जांच में जैसे-जैसे प्रगति हो रही है, नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। हाल ही में जांच एजेंसियों को ऐसे सुराग मिले हैं, जिन्होंने इस मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी के मोबाइल फोन से मिली जानकारी ने संभावित अंतरराष्ट्रीय संबंधों की आशंका को भी बढ़ा दिया है, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।


संदिग्ध नंबरों का संपर्क

जांच में यह पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी उमरदीन के मोबाइल फोन पर विस्फोट के समय और उसके आसपास तीन संदिग्ध नंबरों से लगातार संपर्क किया गया था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि ये नंबर पाकिस्तान से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और तकनीकी स्तर पर गहन जांच जारी है। घटना के बाद से ये तीनों नंबर बंद बताए जा रहे हैं।


कॉल डिटेल्स की जांच

जांच एजेंसियों ने आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इस दौरान यह सामने आया कि विस्फोट से पहले और बाद में संदिग्ध नंबरों से लगातार बातचीत हुई थी। अधिकारियों का मानना है कि इन कॉल्स के माध्यम से घटना की साजिश और उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।


अमृतसर और दिल्ली कनेक्शन की जांच

तकनीकी जांच के दौरान इन नंबरों की अंतिम लोकेशन अमृतसर क्षेत्र में ट्रेस की गई है। इससे पहले इनकी दिल्ली में सक्रियता की भी जानकारी मिली थी। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां अब दिल्ली और अमृतसर के बीच संभावित संपर्कों और नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं। जांचकर्ता संबंधित नंबरों के उपयोगकर्ताओं की पहचान और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।


केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता

इस संवेदनशील मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) सहित कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि संदिग्ध नंबरों से जुड़े व्यक्तियों तक पहुंचने के बाद मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।


घटना से गिरफ्तारी तक का विवरण

5 मई को जालंधर स्थित BSF पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के निकट एक स्कूटी में विस्फोट हुआ था। अगले दिन प्रारंभिक जांच में विस्फोटक सामग्री के उपयोग की आशंका सामने आई, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गईं। 14 मई को पुलिस ने उमरदीन को गिरफ्तार किया, जबकि 16 मई को दिल्ली से अनिल शर्मा को हिरासत में लिया गया। अब जांच का ध्यान संदिग्ध कॉल्स और उनके पीछे के नेटवर्क तक पहुंचने पर है।