जालंधर में धमकी भरे ईमेल से सुरक्षा अलर्ट, अमित शाह का दौरा प्रभावित
जालंधर में बम धमाके की धमकी
जालंधर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जालंधर दौरे से कुछ घंटे पहले, कई स्कूलों और अन्य स्थानों को धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए हैं। इन ईमेल में रैली, स्कूलों, बसों और श्री देवी तालाब मंदिर जैसे स्थानों पर बम धमाके की चेतावनी दी गई है। इस घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अमित शाह बुधवार को जालंधर के परागपुर में एक रैली को संबोधित करने वाले हैं, और इससे पहले उनका श्री देवी तालाब मंदिर जाने का कार्यक्रम भी है।
स्कूलों को बच्चों को न भेजने की सलाह
स्कूलों को बच्चों को न भेजने की चेतावनी:
धमकी भरे ईमेल में अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने बच्चों को रैली या संबंधित कार्यक्रम में न भेजें। रिपोर्टों के अनुसार, यह ईमेल कई शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचा है, जिसमें कैम्ब्रिज इनोवेटिव स्कूल का नाम भी शामिल है। ईमेल में रैली स्थल और अन्य स्थानों के बारे में भी धमकी दी गई है। हालांकि, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि यह धमकी वास्तविक है या किसी ने डर फैलाने के लिए यह ईमेल भेजा है।
सुरक्षा में बढ़ोतरी
रैली स्थल और मंदिर की बढ़ाई गई सुरक्षा:
धमकी के बाद, जालंधर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है। रैली स्थल और श्री देवी तालाब मंदिर परिसर में सुरक्षा जांच की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों की टीमें पहले से ही कार्यक्रम स्थल की जांच कर रही थीं। अमित शाह के दौरे को ध्यान में रखते हुए, जालंधर में ड्रोन और अन्य रिमोट पायलट एयरक्राफ्ट की उड़ान पर 30 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक रोक लगा दी गई है।
साइबर जांच की प्रक्रिया
साइबर टीम कर रही ईमेल की जांच:
धमकी भरे संदेश के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां ईमेल से संबंधित तकनीकी जानकारी की जांच कर रही हैं। फिलहाल, पुलिस की प्राथमिकता रैली स्थल, स्कूलों और मंदिर समेत उन सभी स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिनका धमकी भरे संदेश में उल्लेख किया गया है।
पिछले मामलों की याद
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला:
जालंधर में इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से एक दिन पहले एक स्कूल को धमकी भरा ईमेल मिला था। उस समय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने स्कूल की जांच की थी, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी। मौजूदा मामले में भी सुरक्षा एजेंसियां ईमेल की सत्यता और इसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान की जांच कर रही हैं। फिलहाल धमकी में किए गए दावों को जांच पूरी होने तक पुष्टि किए गए तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता।