जालंधर रेप केस: पीड़ित बच्ची की न्याय की लड़ाई हाईकोर्ट तक पहुंची
जालंधर में यौन हिंसा का मामला
जालंधर: जालंधर में हुए एक रेप केस ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। यह मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां पीड़ित बच्ची न्याय की मांग कर रही है। तेरह वर्षीय बच्ची को यौन हिंसा के बाद गंभीर चोटों के साथ पाया गया था। कई सर्जरी और लंबे उपचार के बावजूद, उसका मानसिक आघात अभी भी बरकरार है। परिवार फरार आरोपी की गिरफ्तारी और अंतिम मुआवजे की मांग कर रहा है, जबकि बच्ची अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए न्याय की उम्मीद कर रही है।
घटना का विवरण
हालांकि इस घटना को कई वर्ष हो चुके हैं, लेकिन पीड़ित बच्ची का डर अभी भी खत्म नहीं हुआ है। परिवार का कहना है कि आरोपी ने उसे पपीता देने का बहाना बनाकर सुनसान जगह पर ले जाकर अपराध किया और फिर उसे बोरी में छोड़कर भाग गया। अब परिवार अदालत से न्याय और उचित मुआवजे की उम्मीद कर रहा है।
पपीते का बहाना और जीवन में बदलाव
परिवार के अनुसार, बच्ची अपने नाना-नानी के पास रहती थी। घटना के दिन, एक परिचित ने उसे पपीता दिलाने का लालच देकर बाइक पर बैठाया। कुछ समय बाद, वह गंभीर हालत में गांव के श्मशान घाट के पास बोरी में मिली। राहगीर की सूचना पर नाना-नानी मौके पर पहुंचे और बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए कई घंटे तक इलाज किया।
चिकित्सकीय उपचार और मानसिक आघात
चिकित्सकीय उपचार के दौरान बच्ची की कई सर्जरियां की गईं। परिवार का कहना है कि शारीरिक घाव तो धीरे-धीरे भर गए, लेकिन मानसिक पीड़ा आज भी उसे परेशान कर रही है। वकीलों के अनुसार, बच्ची अब सातवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है। वह सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रही है, लेकिन कुछ घटनाएं और शब्द उसे उस भयावह दिन की याद दिलाते हैं।
फरार आरोपी और न्याय की लड़ाई
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन वह कथित तौर पर घटना के बाद राज्य छोड़कर भाग गया। अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया है, फिर भी उसकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। परिवार को पहले अंतरिम आर्थिक सहायता मिली थी, लेकिन अंतिम मुआवजे की मांग निचली अदालत में स्वीकार नहीं हुई। अब यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में है।
मामले की मुख्य बातें
- तेरह वर्षीय बच्ची यौन हिंसा का शिकार हुई।
- आरोपी पर पपीते का बहाना बनाकर ले जाने का आरोप है।
- पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
- परिवार अंतिम मुआवजे और न्याय की मांग कर रहा है।
- बच्ची इलाज के बाद अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए है।
परिवार की उम्मीद
परिवार का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी उम्मीद अदालत से न्याय और आरोपी की गिरफ्तारी है, ताकि बच्ची भय के बजाय सम्मान और सुरक्षित भविष्य के साथ अपना जीवन आगे बढ़ा सके।