जितेन्द्र बच्चन को राष्ट्रीय हिंदी दिवस पर मिला 'राष्ट्रीय गौरव' पुरस्कार
शाहदरा में त्रिवेणी समारोह का आयोजन
नई दिल्ली: शाहदरा के ज्योतिनगर में जशाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित साहित्य, काव्य और कला के ‘त्रिवेणी समारोह’ में गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. जितेन्द्र बच्चन को उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए ‘राष्ट्रीय गौरव’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. बच्चन ने इस अवसर पर कहा कि यह पुरस्कार उनके अतीत और वर्तमान कार्यों का सम्मान है, और यह उन्हें पत्रकारिता के माध्यम से देश के लिए और बेहतर करने की प्रेरणा देता है, जिससे नई पीढ़ी के पत्रकारों को भी प्रोत्साहन मिले।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जितेन्द्र बच्चन ने समारोह के दौरान सुरेश पाल वर्मा ‘जसाला’ की पुस्तकों का लोकार्पण किया, जो विश्व कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। इसके साथ ही, उन्होंने रस्सी चित्रकला की दो दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। उन्होंने श्री ‘जसाला’ जी के साहित्य, काव्य और चित्रकला के बीच के संबंध की सराहना की और कहा कि इस तरह के आयोजन हमारी सांस्कृतिक विविधताओं को एकजुट करने में मदद करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जय सिंह आर्य ने की, जबकि अन्य अतिथियों में ओमप्रकाश प्रजापति, डॉ. सुरेंद्र वर्मा, डॉ. बृजपाल सिंह संत, प्रीतम सिंह ‘प्रीतम’ और राजेंद्र वर्मा शामिल थे। जसाला फाउंडेशन के सदस्यों ने सभी प्रमुख अतिथियों को प्रतीक चिन्ह, पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और मोतियों की माला से सम्मानित किया। इसके बाद, श्री जसाला की कई पुस्तकों और ‘ट्रू मीडिया पत्रिका’ के विशेषांक का लोकार्पण भी किया गया।
कार्यक्रम में काव्य अनुगूज कवि सम्मेलन ने एक विशेष माहौल तैयार किया। रस्सी चित्रकला प्रदर्शनी ने दिल्ली एनसीआर से आए साहित्यकारों, कला प्रेमियों और समाजसेवियों को आकर्षित किया। मुख्य अतिथि जितेन्द्र बच्चन ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। श्री जसाला की कृतियों ने यह संदेश दिया कि सच्ची कला साधारण वस्तुओं में भी असाधारण संभावनाएं खोज सकती है। चित्रों की मौलिकता और बारीक कारीगरी ने सभी को प्रभावित किया।
समारोह में डॉ. जय सिंह आर्य, ओमप्रकाश प्रजापति, डॉ. सुरेंद्र वर्मा, डॉ. बृजपाल सिंह संत, प्रीतम सिंह ‘प्रीतम’ और राजेंद्र वर्मा ने भी अपने विचार साझा किए। शब्दों ने संवेदना जगाई, कविता ने मन को छुआ और रस्सी की साधारण डोर ने असाधारण कला का रूप लिया, यह दर्शाते हुए कि सृजन की कोई सीमा नहीं होती। इस अवसर पर राम चरण सिंह साथी, निर्दोष कुमार शर्मा, राजेश मंडार, मनोज कुमार श्रीवास्तव, हेमेन्द्र कुमार और सोनू सागर सहित कई समाजसेवी, पत्रकार और साहित्यकार उपस्थित रहे.