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जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ: पहले दिन ही मिला शानदार रिस्पॉन्स

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने पहले दिन ही संस्थागत निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया प्राप्त की है। इश्यू खुलने के कुछ ही मिनटों में क्यूआईबी के लिए आरक्षित हिस्सा पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया। कंपनी लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। आकाश अंबानी ने कंपनी की तकनीकी क्षमताओं और भविष्य की रणनीति पर जोर दिया है। जानें इस आईपीओ के बारे में और क्या है इसकी खासियत।
 

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की शुरुआत

नई दिल्ली: जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को पहले दिन ही संस्थागत निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। बुधवार को इश्यू खुलने के कुछ ही मिनटों में योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हिस्सा पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया। सुबह 10 बजे तक यह हिस्सा 2.86 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। इस प्रदर्शन के साथ, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ देश के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में नया रिकॉर्ड बनाने की दिशा में बढ़ रहा है।


सूत्रों के अनुसार, जैसे ही बोली प्रक्रिया शुरू हुई, संस्थागत निवेशकों ने शेयरों के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया। क्यूआईबी श्रेणी के लिए 4,90,07,827 शेयर आरक्षित किए गए हैं। यह हिस्सा महज 10 मिनट में एक गुना और आधे घंटे से भी कम समय में दो गुना सब्सक्राइब हो गया। हालांकि, शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, उस समय तक पूरे आईपीओ को कुल मिलाकर 0.83 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।


यह आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला है और 23 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी नए शेयर जारी करके लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयर बेचने का हिस्सा शामिल नहीं है।


जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ पूरा होने पर यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन सकता है। इससे पहले यह रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर इंडिया के पास था, जिसने 2024 में लगभग 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित निर्गम आकार इस आंकड़े से अधिक है।


आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का मूल्य दायरा तय किया गया है। ऊपरी मूल्य सीमा के आधार पर कंपनी का मूल्यांकन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये बैठता है। शुरुआती सब्सक्रिप्शन के आंकड़े संस्थागत निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी का संकेत देते हैं, हालांकि पूरे इश्यू की अंतिम प्रतिक्रिया का पता बोली अवधि समाप्त होने के बाद ही चलेगा।


जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने कंपनी की भविष्य की रणनीति पर जोर देते हुए इसे केवल दूरसंचार सेवा प्रदाता के बजाय एक व्यापक प्रौद्योगिकी कंपनी के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि कंपनी अब कनेक्टिविटी के साथ-साथ डिजिटल सेवाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और क्लाउड तकनीक के क्षेत्र में भी विस्तार कर रही है।


अंबानी के अनुसार, कंपनी की तकनीकी क्षमता में उसका नेटवर्क, इन-हाउस विकसित 5जी कोर और क्लाउड आधारित रेडियो एक्सेस नेटवर्क शामिल हैं। उन्होंने कंपनी के ग्राहक आधार का उल्लेख करते हुए कहा कि जियो 533.3 मिलियन यानी लगभग 53.33 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं दे रही है। कंपनी का लक्ष्य इस विशाल ग्राहक आधार के जरिए डिजिटल सेवाओं और नई तकनीकों में अपनी पहुंच बढ़ाना है।


जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर अनौपचारिक बाजार में भी काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ग्रे मार्केट में शेयर लगभग 275 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे। यदि यह प्रीमियम कायम रहता है, तो ऊपरी इश्यू मूल्य 1,119 रुपये के मुकाबले संभावित लिस्टिंग कीमत लगभग 1,394 रुपये हो सकती है। यह इश्यू के ऊपरी मूल्य से लगभग 25 फीसदी अधिक है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक संकेतक है और इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है। इसे संभावित लिस्टिंग लाभ की गारंटी नहीं माना जा सकता।