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जींद में फर्जी ऑनलाइन निवेश गिरोह का पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार

जींद पुलिस ने एक फर्जी ऑनलाइन निवेश गिरोह का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये ठग लिए थे। पुलिस ने इस मामले में तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई की और एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अनजान व्यक्तियों को पैसे ट्रांसफर न करें और किसी भी निवेश से पहले पूरी जांच करें। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और सावधानियों के बारे में।
 

फर्जी निवेश गिरोह का खुलासा


  • पकड़े गए आरोपी से 10 हजार रुपये की नगदी बरामद


जींद पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक फर्जी ऑनलाइन निवेश गिरोह का खुलासा किया है। थाना साइबर क्राइम की टीम ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उप निरीक्षक जगदीप सिंह ने बताया कि गांव दनौदा खुर्द के निवासी सुमित कुमार ने 24 अप्रैल 2026 को पुलिस को शिकायत दी थी। सुमित ने बताया कि वह इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन के जरिए एक फर्जी निवेश समूह से जुड़ा था।


उसे एसएमसी रिसोर्स शेयरिंग ग्रुप में जोड़ा गया और बाद में एक अन्य व्हाट्सअप ग्रुप में शामिल किया गया। आरोपी ने खुद को सेबी रजिस्टर्ड विशेषज्ञ बताकर उसे स्टॉक मार्केट में निवेश करने का लालच दिया। सुमित ने विभिन्न तिथियों में कुल 16 लाख 40 हजार रुपये आरोपी के बैंक खातों में भेज दिए। जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की, तो आरोपी ने और पैसे की मांग की, जिससे उसे ठगी का अहसास हुआ।


पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। तकनीकी जांच के बाद, भिवानी के गांव खरक कलां निवासी हिमांशु को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में हिमांशु ने चरखी-दादरी निवासी आशीष का नाम लिया, जिसके बाद आशीष को भी गिरफ्तार किया गया और उसके पास से 10 हजार रुपये की नगदी बरामद की गई।


सावधानी बरतने की अपील

ऑनलाइन निवेश योजनाओं के झांसे में न आएं


पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया, व्हाट्सअप ग्रुप, फर्जी ट्रेडिंग एप या ऑनलाइन निवेश योजनाओं के झांसे में आकर किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न ट्रांसफर करें। किसी भी निवेश से पहले संबंधित कंपनी या व्यक्ति की वैधता की पूरी जांच करें। यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं।