ट्रंप का नया आदेश: वैश्विक टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% किया गया
ट्रंप का नया कदम
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके वैश्विक टैरिफ आदेश को रद्द करने के बाद एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने एक नए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए दुनियाभर के देशों पर लगाए गए 10 प्रतिशत टैरिफ को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। यह नया टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा और 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय की तीखी आलोचना की, इसे 'बेहद खराब तरीके से लिखा गया' बताते हुए अमेरिका के हितों के खिलाफ करार दिया। उन्होंने कहा कि उनका नया कदम पूरी तरह से कानूनी और परखा हुआ है।
IEEPA का विवाद
सुप्रीम कोर्ट ने IEEPA के इस्तेमाल को बताया अवैध
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप प्रशासन द्वारा International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि इस कानून का उपयोग कर व्यापक वैश्विक टैरिफ लगाना राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, बल्कि यह शक्ति कांग्रेस के पास है। ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें संसद की अनुमति की आवश्यकता नहीं है और वे राष्ट्रपति के अधिकारों के तहत टैरिफ लागू कर सकते हैं।
Trade Act का सहारा
ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 का सहारा
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने Trade Act of 1974 के सेक्शन 122 का सहारा लिया। यह प्रावधान राष्ट्रपति को आपात आर्थिक परिस्थितियों या अचानक बढ़े व्यापार घाटे की स्थिति में अस्थायी रूप से आयात पर टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। इस सेक्शन के तहत अधिकतम 15 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है और यह 150 दिनों तक प्रभावी रहता है। इसके बाद इसे जारी रखने के लिए कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक होती है। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नया 15 प्रतिशत टैरिफ पहले वाले आदेश की जगह लेगा और सरकार व्यापार घाटा कम करने तथा राजस्व बढ़ाने की दिशा में प्रयास जारी रखेगी।
छूट प्राप्त उत्पाद
किन उत्पादों को मिलेगी छूट?
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित आदेश के अनुसार 15 प्रतिशत का यह वैश्विक टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा। इससे पहले 10 प्रतिशत टैरिफ प्रभावी था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सभी व्यापारिक साझेदार देशों पर समान 15 प्रतिशत टैरिफ लागू करने से उन देशों की दरों में भी समायोजन हो सकता है, जिन पर पहले से अधिक दरें लागू थीं। हालांकि, कुछ उत्पादों को इस नए टैरिफ से छूट दी गई है। इनमें शामिल हैं: