डाबर ने FSSAI के प्रतिबंध के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की याचिका
डाबर का कोर्ट में कदम
उपभोक्ता उत्पादों की निर्माता कंपनी डाबर ने FSSAI द्वारा जारी किए गए आदेश के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। यह आदेश उन खाद्य उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने से संबंधित है, जिन पर '100% शुद्ध', '100% प्राकृतिक', '100% शुद्धता की गारंटी' और '100% ऑर्गेनिक' जैसे दावे किए गए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने इस मामले को तात्कालिक सुनवाई के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
FSSAI की सख्त कार्रवाई
FSSAI ने डाबर के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इसने कंपनी को '100 प्रतिशत शुद्ध' का दावा करने वाले कई खाद्य उत्पादों की बिक्री रोकने का आदेश दिया है। नियामक का कहना है कि यह शब्दावली अस्पष्ट है और इसे साबित नहीं किया जा सकता, जिससे उपभोक्ताओं को भ्रमित किया जा सकता है।
गुमराह करने का आरोप
FSSAI ने सोमवार को बताया कि उसके आदेश में शहद, एप्पल साइडर विनेगर, वर्जिन नारियल तेल, तिल का तेल, गाय का घी, नारियल पानी और नारियल का दूध जैसे उत्पाद शामिल हैं, जिन पर '100 प्रतिशत' होने का गुमराह करने वाला दावा किया गया था।
दावों पर रोक लगाने का आदेश
FSSAI के अनुसार, डाबर की वेबसाइट पर '100 प्रतिशत प्राकृतिक', '100 प्रतिशत शुद्ध', '100 प्रतिशत शुद्धता की गारंटी', '100 प्रतिशत ऑर्गेनिक' और '100 प्रतिशत टेंडर कोकोनट वॉटर' जैसे दावे किए गए थे। नियामक ने कहा कि ये दावे 'खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) नियम, 2018' का उल्लंघन करते हैं।
कार्रवाई का मतलब प्रॉडक्ट असुरक्षित नहीं
इस कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि उत्पाद मिलावटी या असुरक्षित हैं। FSSAI की आपत्तियां उनके लेबलिंग और मार्केटिंग के तरीके से संबंधित हैं। नियामक ने मई 2025 में एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें खाद्य व्यवसायियों को '100 प्रतिशत' जैसे दावों से बचने की सलाह दी गई थी।
FSSAI ने क्या पाया?
FSSAI ने कहा कि डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी में जैविक भारत लोगो दिखाया जा रहा था, जबकि उसमें मान्य FSSAI ऑर्गेनिक इंडोर्समेंट नहीं था। इसके अलावा, डाबर होममेड कोकोनट मिल्क पर भी सवाल उठाया गया है, जिसे '100 प्रतिशत शुद्ध' के साथ मार्केटिंग किया जा रहा था।
डाबर ने नहीं उठाया था कदम
FSSAI ने बताया कि डाबर को पहले ही नोटिस दिया गया था कि वह उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले '100 प्रतिशत' वाले दावों का उपयोग न करे, लेकिन कंपनी ने कोई संतोषजनक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की। अब कंपनी को निर्देश दिया गया है कि नोटिस में जिन उत्पादों का उल्लेख किया गया है, उनकी बिक्री तुरंत बंद करे। कंपनी को 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकेन रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।