डिजिटल पेमेंट में नए नियम: धोखाधड़ी से बचने के लिए एक घंटे का होल्ड
डिजिटल पेमेंट का बढ़ता चलन
नई दिल्ली: डिजिटल भुगतान अब आम हो चुका है, जिससे किसी भी खाते में पैसे भेजना बेहद आसान हो गया है। हालांकि, कई बार यह प्रक्रिया गलतियों का कारण बन जाती है, जैसे कि पैसे गलत खाते में ट्रांसफर करना। ऐसे में, पैसे वापस पाने में काफी समय लग सकता है, और कभी-कभी तो पैसे मिलते ही नहीं हैं। इन समस्याओं से ग्राहकों को बचाने के लिए, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल भुगतान के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि
डिजिटल लेनदेन में तेजी से वृद्धि हो रही है, लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। RBI के अनुसार, 10,000 रुपये से अधिक के धोखाधड़ी के मामलों में कुल राशि का 98.5 प्रतिशत शामिल है। इसलिए, बैंक अब तुरंत पैसे ट्रांसफर करने के बजाय उपयोगकर्ताओं को सोचने का समय देना चाहते हैं, जिससे गलती या धोखाधड़ी की स्थिति में पैसे की रक्षा की जा सके।
एक घंटे का समय अंतराल क्यों आवश्यक है?
अब यदि आप किसी नए खाते या व्यक्ति को 10,000 रुपये से अधिक भेजते हैं, तो पैसे तुरंत नहीं जाएंगे। ट्रांजैक्शन एक घंटे के लिए होल्ड रहेगा। इस दौरान, यदि आपको कोई संदेह हो या गलती दिखाई दे, तो आप इसे आसानी से रद्द कर सकते हैं। यह नियम आम उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी से बचाने के लिए लागू किया गया है।
धोखाधड़ी के आंकड़े चिंताजनक
RBI के राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, 10,000 रुपये से अधिक के लेनदेन कुल धोखाधड़ी मामलों का 45 प्रतिशत हैं, लेकिन राशि के मामले में ये 98.5 प्रतिशत तक पहुंचते हैं। इसी कारण RBI ने इस सीमा पर विशेष ध्यान दिया है। संदिग्ध लेनदेन पर बैंक दोबारा पुष्टि भी कर सकेगा।
कौन से भुगतान पर नहीं होगा नियम लागू?
यह नया नियम मर्चेंट पेमेंट, UPI से खरीदारी, ई-मैंडेट और चेक पेमेंट पर लागू नहीं होगा। केवल व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) ट्रांसफर पर ही यह एक घंटे का होल्ड लागू होगा, जिससे रोजमर्रा की छोटी खरीदारी और बिल भुगतान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
व्हाइटलिस्टिंग से मिलेगी छूट
यूजर्स की सुविधा के लिए RBI ने व्हाइटलिस्टिंग का विकल्प भी प्रदान किया है। आप अपने विश्वसनीय परिवार, दोस्तों या खातों को पहले से व्हाइटलिस्ट कर सकते हैं। इन पर एक घंटे का नियम लागू नहीं होगा और पैसे तुरंत ट्रांसफर किए जा सकेंगे।
बैंक देगा अलर्ट और सुरक्षा
संदिग्ध लेनदेन होने पर बैंक तुरंत अलर्ट भेजेगा और पुष्टि मांगेगा। इससे धोखाधड़ी रुकने की संभावना बढ़ जाएगी। RBI का मानना है कि यह छोटा समय अंतराल उपयोगकर्ताओं को सोच-समझकर भुगतान करने की आदत डालेगा और बड़े नुकसान से बचाएगा।