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डोनाल्ड ट्रंप का संयुक्त राष्ट्र में ईरान पर कड़ा बयान

डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में अमेरिका की मजबूती और ईरान के खिलाफ कड़े कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को साझा करते हुए आठ युद्धों को सुलझाने का दावा किया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा। उनके भाषण में पाकिस्तान और भारत जैसे देशों के साथ संबंधों का भी जिक्र किया गया।
 

ट्रंप का विश्व नेताओं को संबोधन

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका अब पहले से कहीं अधिक मजबूत है। उन्होंने यह भी कहा कि हमने ईरान को एक समझौते का अवसर दिया था, लेकिन ईरान का आक्रमण अभी भी जारी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका कभी भी ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा।

ट्रंप ने कहा कि पिछले 51 वर्षों में ईरानी शासन ने खूनखराबे और सामूहिक हत्याओं के माध्यम से शासन किया है, जिससे मध्य पूर्व और उसके बाहर अराजकता फैली है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान कभी मध्य पूर्व का दबंग था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।

अपने भाषण में, ट्रंप ने राष्ट्रपति के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की उपलब्धियों को साझा करते हुए उन्हें शानदार बताया। उन्होंने अर्थव्यवस्था, आव्रजन और अपराध के क्षेत्रों में अपने रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए कहा, "हमें पिछली सरकार से अमेरिका का एक अंधकार युग विरासत में मिला था, और हमने इसे अमेरिका के स्वर्ण युग में बदल दिया।"

आठ युद्धों का समाधान
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने आठ युद्धों को सुलझाने में मदद की है और उन देशों के नेताओं के साथ दोस्ती करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इनमें से कई युद्ध वर्षों और दशकों तक चले। उन्होंने अपने रिश्तों, व्यापार, और टैरिफ के माध्यम से इन समझौतों को संभव बनाया। पाकिस्तान और भारत, आर्मेनिया और अज़रबैजान जैसे देशों ने उन्हें धन्यवाद पत्र भेजे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि ट्रंप ने 30 मिलियन लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।