तालिबान ने अफगानिस्तान में UN के दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया
तालिबान की कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र के दो स्थानीय कर्मचारियों को हिरासत में लिया है, जिसकी जानकारी संयुक्त राष्ट्र ने दी है। उप प्रवक्ता फरहान हक ने बताया कि यह घटना रविवार को पश्चिमी शहर हेरात में हुई।
उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र मिशन को अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन कर्मचारियों पर क्या आरोप हैं, और न ही उन्हें उनसे मिलने की अनुमति दी गई है। हक ने तालिबान से अनुरोध किया है कि वे संयुक्त राष्ट्र और उसके अधिकारियों को मिलने वाले विशेषाधिकारों और छूट का पालन करें। अमेरिका और नाटो की सेनाओं के दो दशकों के संघर्ष के बाद, तालिबान ने 15 अगस्त 2021 को अफगानिस्तान में सत्ता पर कब्जा कर लिया था।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अफगानिस्तान में मानवीय संकट गहराता जा रहा है और तालिबान तथा पाकिस्तानी बलों के बीच सीमा पर संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। 'ह्यूमन राइट्स वॉच' की शोधकर्ता फेरेश्ता अब्बासी ने कहा कि इन कर्मचारियों की गिरफ्तारी संयुक्त राष्ट्र के कार्यों और जीवनरक्षक सहायता प्रदान करने की क्षमता के लिए एक गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा, 'तालिबान को हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को तुरंत रिहा करना चाहिए और सभी सहायता एजेंसियों को बिना किसी डर के काम करने की अनुमति देनी चाहिए।'