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तेज प्रताप यादव की बेऊर जेल से रिहाई: बिहार की राजनीति में नया मोड़

तेज प्रताप यादव, जो जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, बेऊर जेल से रिहा हो गए हैं। उनकी गिरफ्तारी छात्र आंदोलन के दौरान हुई थी, जब उन पर प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप लगा था। रिहाई के बाद, उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई चर्चाएँ शुरू कर दी हैं, खासकर जब केंद्र और राज्य सरकार ने आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक प्रभाव।
 

तेज प्रताप यादव की रिहाई का घटनाक्रम


पटना: बिहार की राजनीतिक स्थिति में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घटना घटी, जब जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव बेऊर जेल से रिहा हुए। उन्हें छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस बीच, केंद्र और बिहार सरकार द्वारा आंदोलन से संबंधित मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद उनकी रिहाई ने राजनीतिक चर्चाओं को फिर से सक्रिय कर दिया।


समर्थकों का स्वागत

तेज प्रताप यादव मंगलवार शाम को बेऊर जेल से रिहा हुए। जेल के बाहर पहले से मौजूद उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया और नारेबाजी की। रिहाई के बाद, वह अपने समर्थकों के साथ वहां से रवाना हो गए। उनकी रिहाई उस समय हुई है, जब सरकार आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।


गिरफ्तारी का कारण

25 जुलाई को बिहार बंद और छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने तेज प्रताप यादव को हिरासत में लिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को पुलिस के खिलाफ भड़काया। पहले उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन बाद में दोबारा गिरफ्तार कर गांधी मैदान थाने में दर्ज मामले के आधार पर कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।


अदालत में निर्दोष साबित करने का प्रयास

जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान तेज प्रताप यादव ने अदालत में कहा कि उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक कारणों से हुई थी। बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की। अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। बाद में बदलते हालात के बीच उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया।


तेजस्वी यादव का विरोध

तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद उनके भाई और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए यह कार्रवाई की गई है। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि जल्द रिहाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।


बदले हालात और रिहाई

नीट पेपर लीक विवाद के चलते देशभर में हुए छात्र आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया। इसके बाद बिहार सरकार ने भी आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। गृह विभाग ने जिलों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। माना जा रहा है कि इसी फैसले के चलते तेज प्रताप यादव की रिहाई संभव हो सकी।