तेल की कीमतों में उछाल: भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा होने की संभावना
तेल की कीमतों में तेजी
तेल की कीमतों में उछाल: ईरान पर अमेरिकी हमलों और हुती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में तेल टैंकरों को निशाना बनाने के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतें मई के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। इससे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की संभावना है।
कीमतों में लगातार वृद्धि
ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गुरुवार को 6% से अधिक की वृद्धि देखी गई। अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले तेज करने के कारण पिछले कुछ दिनों से ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगातार बढ़ रही थीं।
हुती विद्रोहियों का हमला
यमन में ईरान समर्थित हुती विद्रोही लाल सागर में तेल लदे जहाजों पर लगातार हमले कर रहे हैं, जिससे तेल की कीमतों में और वृद्धि हो रही है। सऊदी अरब अब अपने तेल का निर्यात होर्मुज स्ट्रेट के बजाय लाल सागर के रास्ते कर रहा है।
ईरान समझौते की स्थिति
पिछले महीने गैस की कीमतों में भी लगातार वृद्धि हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध-विराम संधि के बाद तेल की कीमतें गिरने लगी थीं। हालाँकि, युद्ध-विराम संधि विफल हो गई है, और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान के अधिकारी 'समझौता करने को तैयार नहीं' हैं।
महंगाई का खतरा
वर्तमान संघर्ष के कारण भारत, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे कई देशों में महंगाई बढ़ने का खतरा है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। भारत अपनी कुल तेल जरूरत का 85% आयात करता है। तेल की ऊंची कीमतों के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की संभावना है। इससे परिवहन लागत में वृद्धि होगी, जो खाद्य पदार्थों जैसी अन्य वस्तुओं की कीमतों को भी प्रभावित कर सकती है।