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दिल्ली-NCR में सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए नया GRAP लागू

दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की समस्या को नियंत्रित करने के लिए CAQM ने संशोधित GRAP लागू किया है। इस योजना के तहत, AQI के स्तर के अनुसार चार चरणों में पाबंदियां लगाई जाएंगी। इसमें 48 एक्शन प्वाइंट्स शामिल हैं, जो प्रदूषण के विभिन्न स्तरों पर लागू होंगे। इसके अलावा, निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए पार्किंग फीस बढ़ाई जा सकती है और स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई का विकल्प भी दिया जा सकता है। जानें इस योजना के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

नई दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए नया कदम


नई दिल्ली: वायु प्रदूषण की समस्या बार-बार सामने आती है। इस बार दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए CAQM ने संशोधित GRAP को लागू किया है। इस नए योजना के तहत, जैसे-जैसे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बिगड़ता है, प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पाबंदियों को भी बढ़ाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रदूषण के अत्यधिक स्तर तक पहुंचने का इंतजार करने के बजाय, AQI के विभिन्न स्तरों पर पहले से निर्धारित उपाय किए जाएं।


AQI के आधार पर चार चरण

AQI के आधार पर चार स्टेज: 


  • स्टेज-1: AQI 201-300


इस स्तर पर हवा को खराब माना जाएगा। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रारंभिक उपाय लागू किए जाएंगे और धूल, कचरा जलाने जैसी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।


  • स्टेज-2: AQI 301-400


जब हवा बहुत खराब हो जाएगी, तो वाहनों, धूल और निर्माण कार्यों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।


  • स्टेज-3: AQI 401-450


AQI गंभीर स्तर पर पहुंचने पर निर्माण और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर और सख्ती की जाएगी।


  • स्टेज-4: AQI 450 से ऊपर


इसे गंभीर प्लस स्थिति माना जाएगा। इस दौरान सबसे कड़े प्रतिबंध लागू होंगे।


48 एक्शन प्वाइंट्स की सूची

रखे गए 48 एक्शन प्वाइंट:


संशोधित GRAP में कुल 48 एक्शन प्वाइंट शामिल हैं। इनमें स्टेज-1 में 25, स्टेज-2 में 8, स्टेज-3 में 10 और स्टेज-4 में 5 कार्रवाइयां शामिल हैं। हर स्टेज के साथ लोगों के लिए सिटिजन चार्टर भी जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि प्रदूषण के विभिन्न स्तरों पर आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।


पार्किंग फीस में वृद्धि

बढ़ सकती है पार्किंग फीस:


प्रदूषण बढ़ने पर निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए रजिस्टर्ड पार्किंग स्थलों पर पार्किंग फीस बढ़ाई जा सकती है। इसका उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है।


स्कूलों पर प्रभाव

स्कूलों पर भी पड़ेगा असर:


यदि प्रदूषण गंभीर हो जाता है, तो दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड पढ़ाई का विकल्प लागू किया जा सकता है। बच्चे स्कूल जाकर या ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। यदि AQI 450 के पार पहुंचता है और स्टेज-4 लागू होता है, तो कक्षा 6 से 9 और कक्षा 11 के छात्रों के लिए भी हाइब्रिड मोड लागू किया जा सकता है।


ऑफिसों में कार्यप्रणाली

50 फीसदी स्टाफ ऑफिस में, बाकी वर्क फ्रॉम होम:


बहुत गंभीर प्रदूषण की स्थिति में सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम करने का निर्णय लिया जा सकता है। बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दिया जा सकता है। इसका उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करना है।


ट्रकों पर सख्ती

AQI 450 पार हुआ तो ट्रकों पर सख्ती:


स्टेज-4 में दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। निर्धारित श्रेणी के स्वच्छ ईंधन और BS-6 मानकों वाले वाहनों को ही अनुमति दी जा सकती है। पुराने BS-4 और उससे पुराने डीजल भारी मालवाहक वाहनों पर भी सख्ती होगी। निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।


खेल आयोजनों पर सलाह

CAQM ने NCR में नवंबर और दिसंबर के दौरान होने वाले खेल आयोजनों को लेकर भी सलाह दी है। खराब वायु गुणवत्ता की स्थिति में आयोजनों की तारीख बदलने पर विचार करने को कहा गया है। खासकर स्कूली बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए मौसम और प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।