दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी और ईंधन की कीमतों में वृद्धि से उपभोक्ताओं पर असर
महंगाई का नया झटका
दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों लोगों को एक बार फिर महंगाई का सामना करना पड़ा है। सीएनजी की कीमतों में लगातार दूसरी बार वृद्धि होने से रोजाना यात्रा करने वालों की चिंता बढ़ गई है। ऑटो, टैक्सी और निजी वाहन चलाने वाले लोग इस बढ़े हुए खर्च को सीधे तौर पर अनुभव करेंगे। अब दिल्ली में सीएनजी की कीमत 80.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में उपभोक्ताओं को 88.70 रुपये प्रति किलोग्राम चुकाने होंगे।
सीएनजी की कीमतों में वृद्धि
यह हालिया बढ़ोतरी शुक्रवार को सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि के दो दिन बाद हुई है, जिससे कुल मिलाकर 3 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हो चुकी है।
शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई, जो एक सप्ताह के भीतर ईंधन की कीमतों में दूसरी बार वृद्धि है। वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती दरें तेल विपणन कंपनियों पर दबाव डाल रही हैं।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी वृद्धि
इससे पहले, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में देशभर में भारी वृद्धि हुई थी। 15 मई को, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार साल में पहली बार 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई। यह वृद्धि अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण हुई।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब 94.77 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है। विभिन्न राज्यों में वैट के अंतर के कारण कीमतें भिन्न हैं।
कीमतों में वृद्धि का कारण
मुंबई में भी इस सप्ताह सीएनजी की कीमतों में वृद्धि की गई है, जहां अब इसकी कीमत 84 रुपये प्रति किलोग्राम है। हालांकि, घरों में पाइप के जरिए आपूर्ति की जाने वाली प्राकृतिक गैस और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें अभी तक अपरिवर्तित हैं।
विश्लेषकों की चेतावनी
विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों का संयुक्त प्रभाव मांग में कमी और मुद्रास्फीति के दबाव को बढ़ा सकता है। भारत में खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल 2026 में 3.48 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो मार्च में 3.40 प्रतिशत थी। वहीं, थोक मुद्रास्फीति ईंधन और ऊर्जा की बढ़ती लागतों के कारण 42 महीनों के उच्चतम स्तर 8.3 प्रतिशत पर पहुंच गई है।