×

दिल्ली के शालीमार बाग में तोड़फोड़ अभियान: 150 घरों को हटाने की प्रक्रिया शुरू

दिल्ली के शालीमार बाग में प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत 150 घरों को ध्वस्त करने का अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और प्रभावित परिवारों को पहले ही घर खाली करने के लिए नोटिस दिए गए थे। हालांकि, कई निवासियों ने कानूनी लड़ाई लड़ी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। जानें इस अभियान के पीछे के कारण और क्षेत्र की स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
 

दिल्ली में तोड़फोड़ अभियान की शुरुआत


नई दिल्ली: रविवार की सुबह, दिल्ली के नॉर्थ-वेस्ट जिले के शालीमार बाग क्षेत्र में एक बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ अभियान की शुरुआत हुई। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत, प्रशासन ने लगभग 150 घरों को हटाने का कार्य आरंभ किया। इस प्रक्रिया के दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कई जवानों को तैनात किया गया है।


सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य

रिपोर्टों के अनुसार, यह अभियान उस सड़क को चौड़ा करने के लिए चलाया जा रहा है जो आउटर रिंग रोड को आजादपुर मंडी से जोड़ता है। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर और आजादपुर मंडी के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा, जिससे यातायात प्रबंधन में सुधार होगा और भीड़भाड़ की समस्या कम होगी।


📍Shalimar Bagh, Delhi

Around 150 houses/illegal structures are being razed in the area.

Heavy security deployment with Delhi Police and paramilitary forces present on the spot. Residents have been shifted, and their belongings are seen on the roadside.

The drive follows… pic.twitter.com/oOEKDExmBq

— Aman Dubey (@Amandud2) May 31, 2026


घर खाली करने की समय सीमा

स्थानीय प्रशासन ने पहले ही प्रभावित घरों के मालिकों को नोटिस जारी किए थे, जिसमें उन्हें 30 मई तक अपने घर खाली करने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद, रविवार सुबह तोड़फोड़ अभियान शुरू हुआ। कुछ निवासियों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए पहले ही अपने घर खाली कर दिए थे, लेकिन कई घरों में अभी भी निजी सामान मौजूद है।


सुरक्षा बलों की तैनाती

तोड़फोड़ अभियान शुरू होने से पहले, शनिवार रात से ही इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई थी। रविवार सुबह लगभग 4:00 बजे से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे। उत्तर-पश्चिमी जिले के DCP सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी इस अभियान की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचे।


प्रभावित परिवारों ने इस कार्रवाई के खिलाफ कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी। कई निवासियों ने दिल्ली हाई कोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट द्वारा राहत देने से इनकार करने के बाद प्रशासन ने पहले से तय योजना के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी।


क्षेत्र की स्थिति

तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान इलाके में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रित माहौल बना रहा। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई जनहित में और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। इसके विपरीत, प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके घर, जहां वे वर्षों से रह रहे हैं, तोड़े जा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। फिलहाल, प्रशासन की देखरेख में तोड़ने का कार्य जारी है।