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दिल्ली कोर्ट के बाहर पति-पत्नी के बीच भावुक पुनर्मिलन

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब पति-पत्नी के बीच एक भावुक पुनर्मिलन हुआ। घरेलू हिंसा और दहेज के आरोपों के बीच, एक 'जादू की झप्पी' ने चंद सेकंड में वह कर दिखाया, जो महीनों की कानूनी लड़ाई में नहीं हो पाया। जानिए कैसे एक बीमारी ने रिश्तों की दिशा बदल दी और कोर्ट के बाहर इस भावुक पल ने सबका दिल जीत लिया।
 

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में अनोखा दृश्य

नई दिल्ली में तीस हजारी कोर्ट के बाहर एक दिल को छू लेने वाला दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां उपस्थित सभी लोगों को चौंका दिया। घरेलू हिंसा और दहेज के आरोपों के बीच, एक 'जादू की झप्पी' ने चंद सेकंड में वह कर दिखाया, जो महीनों की कानूनी लड़ाई में नहीं हो पाया।


दहेज और घरेलू हिंसा के आरोपों का मामला

सूत्रों के अनुसार, शिखा सिंह और सौरभ सिंह की शादी कुछ साल पहले हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद उनके रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा, जिसके चलते शिखा ने अपने पति और ससुराल वालों पर दहेज मांगने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए। यह मामला अदालत तक पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों के बीच लंबी कानूनी लड़ाई चल रही थी। इस दौरान दोनों परिवारों ने काफी समय और धन खर्च किया।


बीमारी ने रिश्तों की दिशा बदल दी

हाल ही में शिखा के पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद सौरभ ने अस्पताल जाकर उनकी मदद की। इस कठिन समय में सौरभ का सहयोग रिश्तों में सुधार लाने का कारण बना। दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई और पुराने विवादों को भुलाने की कोशिश की गई।


कोर्ट परिसर में भावुक पुनर्मिलन

जब दोनों तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचे, तो माहौल में बदलाव देखा गया। कोर्ट के बाहर दोनों ने एक-दूसरे से मुलाकात की और भावुक होकर गले मिल गए। इस पल को वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, और यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। शिखा ने कोर्ट के बाहर तलाक के सभी कागजात फाड़ दिए और अपने पति को गले लगा लिया। यह आलिंगन केवल दो व्यक्तियों के बीच नहीं था, बल्कि महीनों की कड़वाहट और कानूनी लड़ाई का अंत था।