दिल्ली कोर्ट ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर मकोका के तहत आरोप तय किए
गैंगस्टर की मुश्किलें बढ़ीं
नई दिल्ली: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ गंभीर आरोपों की पुष्टि की है। एडिशनल सेशंस जज प्रशांत शर्मा ने बिश्नोई और उसके 19 सहयोगियों पर मकोका (MCOCA) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। पुलिस का कहना है कि बिश्नोई जेल में रहते हुए भी अपने खतरनाक नेटवर्क का संचालन कर रहा था, जो हत्या, फिरौती और अपहरण जैसे अपराधों में लिप्त था।
मकोका के तहत आरोप
अदालत ने बिश्नोई पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) की धाराओं 3 और 4 के तहत आरोप लगाए हैं। इसके अलावा, उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में भी मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह एक संगठित अपराधी समूह के रूप में कार्य कर रहा था। कोर्ट का यह आदेश दर्शाता है कि सिंडिकेट द्वारा किए गए अपराधों की गंभीरता को देखते हुए कड़े कानूनी कदम उठाने की आवश्यकता है।
जेल से संचालित गतिविधियाँ
दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि बिश्नोई और उसके साथी जेल के अंदर से ही आपराधिक गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। वे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश में अपने उगाही के नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। जांचकर्ताओं ने जेल के भीतर से गिरोह के सदस्यों के पास से कई मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग वे अपने सहयोगियों से संपर्क साधने और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस सिंडिकेट का प्रभाव केवल भारत तक सीमित नहीं है। गिरोह के कुछ सदस्य थाईलैंड, कनाडा और अमेरिका से अपनी गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। इस प्रकार, बिश्नोई ने जेल में रहते हुए भी अपने नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंध इस बात का संकेत है कि यह अपराधी सेटअप कितना संगठित और आधुनिक है।
गंभीर अपराधों का इतिहास
अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया है कि यह गिरोह हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट और अपहरण जैसी गंभीर वारदातों में शामिल रहा है। इनका मुख्य उद्देश्य डराना-धमकाना और वित्तीय लाभ प्राप्त करना था। पुलिस ने अदालत में सबूत पेश किए हैं कि कैसे यह सिंडिकेट सुनियोजित तरीके से हमलों को अंजाम देता था। बिश्नोई का नेटवर्क इतना खतरनाक है कि जेल की सुरक्षा भी इसे रोकने में असफल रही है। अब आरोप तय होने के बाद इस पर कानूनी कार्रवाई और अधिक सख्त होगी।