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दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन को फिर से दोषी ठहराया गया

दिल्ली की अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को 2020 के दंगों में दंगा भड़काने का दोषी ठहराया है। इस मामले में 12 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया है। यह ताहिर हुसैन का दूसरा दोषी करार है, पहले उन्हें अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अभियोजन की दलीलें।
 

ताहिर हुसैन का नया दोषी करार


दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को 2020 में हुए दिल्ली दंगों से संबंधित एक आगजनी मामले में दंगा भड़काने का दोषी पाया है। यह मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर क्षेत्र में हुई आगजनी से जुड़ा है।


12 अन्य आरोपियों को मिली राहत

कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने यह निर्णय सुनाया। अदालत ने इस मामले में सह-आरोपी 12 अन्य व्यक्तियों को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की दंगा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।


ताहिर हुसैन का दूसरा दोषी करार

यह ताहिर हुसैन के लिए दूसरी बार है जब उन्हें दोषी ठहराया गया है। इससे पहले, उन्हें 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी पाया गया था, जिसमें उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।


अंकित शर्मा हत्याकांड में अभियोजन की दलील

अंकित शर्मा हत्याकांड में विशेष लोक अभियोजक मधुकर पांडेय ने दलील दी थी कि शर्मा को अगवा कर बेरहमी से पीटा गया था। उनके शरीर पर कुल 51 चोटें थीं, जिनमें से 18 धारदार हथियारों से लगी थीं। अभियोजक ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की थी और कहा था कि आरोपियों ने शर्मा की मौत के बाद भी उन पर हमला जारी रखा।