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दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस का हंगामा

दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़कर हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। बीजेपी ने इस घटना को 'राष्ट्रीय शर्म' करार देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला किया है। समिट में 20 से अधिक देशों के नेता और विशेषज्ञ शामिल हैं, और इस विरोध प्रदर्शन ने एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
 

दिल्ली में एआई समिट में सुरक्षा के बावजूद हंगामा

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट' में सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़कर मुख्य हॉल के निकट पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की, जिसमें 'PM is Compromised' जैसे नारे शामिल थे। इस घटना के समय समिट में कई प्रमुख नेता और प्रतिनिधि उपस्थित थे। अचानक हुए इस हंगामे के बाद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की और प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर निकालकर पुलिस के हवाले कर दिया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि लगभग 10 लोगों का एक समूह क्यूआर कोड के माध्यम से अंदर घुसा था, जिनमें से 4 से 5 को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद ये लोग बैनर और पोस्टर लेकर कैसे अंदर पहुंचे।


बीजेपी का कांग्रेस पर हमला

बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

इस घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है। बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर इसे 'राष्ट्रीय शर्म' करार दिया। उन्होंने कहा कि एक ओर भारत इस प्रतिष्ठित वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने व्यवधान पैदा किया। मालवीय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह हंगामा भारत की छवि को खराब करने की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में राजनीतिक विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन वैश्विक स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाना किसी का अधिकार नहीं है।


ग्लोबल समिट में 20 से अधिक देशों की भागीदारी

20 से अधिक देशों के दिग्गज ले रहे हैं इस ग्लोबल समिट में हिस्सा

यह आयोजन भारत द्वारा ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन है, जिसने अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस मेगा इवेंट में 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 से अधिक वैश्विक एआई विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा, नीति-निर्माता, प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रतिनिधि, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के कई दिग्गज भी इस मंच पर उपस्थित हैं। इस समिट का मुख्य उद्देश्य इंडिया एआई मिशन और डिजिटल इंडिया पहल के तहत वैश्विक एआई संवाद को ठोस विकास परिणामों में बदलना है। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच पर हुए इस विरोध प्रदर्शन ने एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है।