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दिल्ली में छठ महापर्व की तैयारियों की समीक्षा बैठक

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छठ महापर्व की तैयारियों पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इस वर्ष लगभग 1400 घाट विकसित किए जाएंगे और विशेष व्यवस्थाओं का ध्यान रखा जाएगा। बैठक में सार्वजनिक अवकाश और परिवहन की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।
 

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की बैठक

नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मंगलवार को छठ महापर्व की तैयारियों पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। सभी तैयारियों को समय पर पूरा किया जाए और केवल कागजी प्रगति के बजाय हर घाट का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जाए। उन्होंने बताया कि इस बार छठ पर्व के लिए पहले से अधिक घाट विकसित किए जाएंगे और महापर्व के अवसर पर अवकाश रहेगा।


छठ पूजा की तिथियाँ और तैयारियाँ

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस वर्ष छठ पूजा 13 नवंबर से शुरू होकर 16 नवंबर तक चलेगी। मुख्यमंत्री ने नवंबर में संभावित सर्दी को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाओं के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में मौसम की स्थिति अलग है, इसलिए बड़े और मध्यम आकार के घाटों पर आवश्यकतानुसार टेंट लगाए जाएं।


घाटों की संख्या और तैयारियों की समयसीमा

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष दिल्ली में लगभग 1400 से अधिक घाट बनाए जाने की योजना है, जबकि पिछले वर्ष 1326 घाट बनाए गए थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि घाटों की मूलभूत तैयारियाँ 6 नवंबर तक पूरी कर ली जाएं ताकि बाद में केवल पानी भरने और अंतिम सफाई का काम रह जाए।


सुविधाओं की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने शौचालयों और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पर्व शुद्धता से जुड़ा है, इसलिए इन सुविधाओं का विशेष ध्यान रखना होगा। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सफाई कर्मचारियों की टीम 24 घंटे सक्रिय रहेगी।


सड़कें और सुरक्षा व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने घाटों तक पहुंचने वाली सड़कों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रास्तों पर कोई बाधा नहीं होनी चाहिए और धूल-मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए पानी का छिड़काव किया जाए। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और फायर टेंडर की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।


सार्वजनिक अवकाश और परिवहन की तैयारी

बैठक में यह भी तय किया गया कि छठ पूजा के अगले दिन उषा अर्घ्य के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सार्वजनिक अवकाश रहेगा। मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए।