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दिल्ली में निर्माणाधीन इमारत का ढहना: राहत कार्य जारी

दिल्ली के चावड़ी बाजार में एक निर्माणाधीन इमारत के अचानक गिरने से हड़कंप मच गया है। राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंच गई हैं, जबकि अधिकारियों ने मलबे में फंसे लोगों की संख्या का पता लगाने के लिए अभियान शुरू किया है। यह घटना तब हुई जब हाल ही में चांदनी चौक में एक पुरानी इमारत का हिस्सा भी ढह गया था। जानें इस घटना की पूरी जानकारी और राहत कार्य की प्रगति के बारे में।
 

दिल्ली में बड़ा हादसा


दिल्ली में इमारत का ढहना: गुरुवार सुबह चावड़ी बाजार के पुराने क्षेत्र में एक गंभीर घटना घटित हुई। यहां एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक गिर गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आशंका है कि मलबे में कई लोग फंसे हो सकते हैं। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं।


घटनास्थल पर राहत कार्य

अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा सुबह लगभग 9:50 बजे गली सितारा में हुआ, जो चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के निकट है। इमारत गिरने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने मौके पर छह गाड़ियां भेजीं, जिनमें पानी के टैंकर और विशेष बचाव वाहन शामिल थे।


दिल्ली | चांदनी चौक में निर्माणाधीन एक इमारत का एक हिस्सा गिर गया है, जिससे साइट बंद कर दी गई है। दमकल विभाग ने मौके पर छह फायर टेंडर भेजे हैं। अधिक जानकारी का इंतजार है।

— News Media (@NewsMedia) November 5, 2026



राहत-बचाव अभियान की प्रगति

राहत कार्य जारी:


पुलिस, दमकल विभाग और अन्य संबंधित टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं। वरिष्ठ अधिकारी现场 पर मौजूद हैं और पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मलबे में कितने लोग फंसे हैं और हादसे के समय इमारत में कितने श्रमिक या अन्य लोग थे। अधिकारियों से विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।


चांदनी चौक में पुरानी इमारत का ढहना

चांदनी चौक में 160 साल पुरानी टाउन हॉल इमारत का हिस्सा भी गिरा:


दिल्ली में यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले चांदनी चौक में 160 साल पुरानी एमसीडी टाउन हॉल इमारत का एक हिस्सा ढह गया था। यह घटना 31 अक्टूबर को हुई थी, जब लगातार दो दिनों की भारी बारिश के बाद इमारत के मुख्य प्रवेश द्वार के पास की छत और दो बड़े बीम गिर गए थे।


इससे इमारत के अगले हिस्से, पहली मंजिल के कुछ हिस्सों और मुख्य दरवाजे के आसपास की दीवारों को नुकसान पहुंचा था। अधिकारियों के अनुसार, इस हिस्से को पहले ही असुरक्षित घोषित किया गया था और सुरक्षा के लिहाज से वहां लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी।