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दिल्ली में पांच मंजिला इमारत गिरने से छात्रों की मौत, कई घायल

दिल्ली में एक पांच मंजिला इमारत गिरने से तीन छात्रों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए हैं। यह घटना सत्य निकेतन में हुई, जहां एक पीजी हॉस्टल स्थित था। मलबा हटाने का कार्य जारी है और कई लोग अभी भी दबे होने की आशंका है। इस घटना पर प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दुख व्यक्त किया है। जानें इस हादसे के बारे में और क्या जानकारी मिली है।
 

दिल्ली में बड़ा हादसा


नई दिल्ली में रविवार को एक गंभीर घटना घटित हुई, जब दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैम्पस के निकट सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला इमारत ढह गई। इस हादसे में कम से कम तीन छात्रों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं, जिनमें से तीन की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। यह घटना दोपहर के समय हुई और मलबा हटाने का कार्य देर रात तक जारी रहा।


सूत्रों के अनुसार, यह इमारत छात्रों के लिए एक पीजी हॉस्टल के रूप में कार्यरत थी और जब यह हादसा हुआ, तब लगभग 50 लोग वहां मौजूद थे। यह इमारत 40 से 50 वर्ष पुरानी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय छात्र अपने कमरों में थे और बेसमेंट में खुदाई का कार्य चल रहा था। इस इमारत में 20 से 25 कमरे थे, जिनमें प्रत्येक में कम से कम दो छात्र रहते थे।


इमारत के मालिक आनंद बंसल, जो गुरुग्राम में निवास करते हैं, के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि इमारत लगभग डेढ़ बजे गिरी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया, जिसके बाद राहत और बचाव दल भी मौके पर पहुंचे। दिल्ली के उप राज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी स्थिति का जायजा लिया। मलबे में कुछ वाहन भी दब गए हैं, और यह भी जानकारी मिली है कि पास की एक अन्य इमारत भी गिरने की स्थिति में है, लेकिन वहां से लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।


सत्य निकेतन क्षेत्र दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के निकट स्थित एक प्रमुख स्थान है, जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। इस क्षेत्र में कई छात्रावास और पीजी हैं, और आसपास के कॉलेजों में वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में कई पुरानी इमारतें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें से अधिकांश अवैध निर्माण के कारण हुई हैं।


एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 से 2025 के बीच दिल्ली में 1,133 इमारतें गिरने की घटनाएं हुई हैं, जिनमें 98 लोगों की जान गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैम्पस में छात्रों को संबोधित करने गए थे। इस घटना के समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गोवा में थे, लेकिन जैसे ही उन्हें हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया और दुख व्यक्त किया।