दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की हत्या से सियासत गरमाई
दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की हत्या
दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की हत्या : किलोकारी गांव में 54 वर्षीय म्यूज़िशियन सी. विक्रम सिंह की सोमवार को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने डिलीवरी कर्मचारियों और ढाबा स्टाफ के सात लोगों को गिरफ्तार किया है, साथ ही एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, जहां कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, 'सी. विक्रम सिंह ने अपने घर के बाहर हो रहे शोर पर आपत्ति जताई, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। इसे एक अलग-थलग घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।'
C. Vikram Singh, a musician from Manipur, objected to the noise and nuisance outside his home in Delhi. He was beaten to death.
One could dismiss this as an isolated incident of drunken violence. But there is more to it.
This happened after years of the government normalising… https://t.co/r8e1saneKm
— Pawan Khera
ಪವನ್ ಖೇರಾ (@Pawankhera) September 8, 2026
घटना का विवरण
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह घटना तब हुई जब सरकार ने सार्वजनिक हंगामे और तेज़ आवाज़ में बजने वाले डीजे को सामान्य मान लिया है। उन्होंने कहा कि विक्रम सिंह की हत्या के लिए जिम्मेदार माहौल बनाने में सरकार की भूमिका है।
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती और आम नागरिक खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
This is extremely unfortunate. Forget taking swift and exemplary action against guilty, often the accused belong to their own party and the entire machinery starts protecting the guilty. A common citizen is now finding himself helpless against their party and govt https://t.co/GbUkOj3ClP
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 8, 2026
हत्या का कारण
दिल्ली पुलिस के अनुसार, विक्रम सिंह ने अपने अपार्टमेंट के बाहर शराब पीने और शोर पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उन पर हमला किया गया। उन्हें गंभीर चोटें आईं और बाद में अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
सिंह की हत्या के बाद, स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और कैंडल मार्च निकाला। यह घटना समाज में गुस्से का कारण बन गई है।