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दिल्ली में मोदी समर्थक युवक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हमला

दिल्ली में एक कश्मीरी मुस्लिम युवक, जो प्रधानमंत्री मोदी का समर्थक है, पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला किया। युवक ने आरोप लगाया कि उसे मोदी और ईवीएम के समर्थन में बोलने के कारण पीटा गया। घटना के दौरान युवक ने राहुल गांधी को गाली देने से इनकार किया और कहा कि सब कुछ मीडिया कैमरों में रिकॉर्ड हुआ है। इस घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है।
 

दिल्ली में विवादास्पद घटना


नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के गुस्से का शिकार एक कश्मीरी मुस्लिम युवक बना। युवक ने आरोप लगाया कि उसे दिल्ली में मोदी और ईवीएम के समर्थन में बोलने के कारण पीटा गया।


श्रीनगर का निवासी फहीम नाजिर गुरुवार को कनाट प्लेस के एक रेस्टोरेंट के पास पहुंचा था, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों को लंच पर बुलाया था। फहीम ने मीडिया को बताया कि उसने मोदी के समर्थन में और ईवीएम के बारे में अपनी राय रखी, जिसके बाद वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क गए और उस पर हमला कर दिया।


#WATCH | Delhi | A youth, claiming to be a fan of PM Modi, arrived at Connaught Place, where he was roughed up by protesters. The protesters alleged that the man was verbally abusing the LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi. pic.twitter.com/eavftUiz1C

— News Media October 8, 2026



फहीम ने यह भी कहा कि जब उसने इस घटना के बारे में मीडिया को बताना शुरू किया, तो कुछ लोगों ने उसे वहां से भगाने की कोशिश की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि युवक ने राहुल गांधी को गाली दी थी।


फहीम का कहना है कि वह किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा है, लेकिन वह प्रधानमंत्री मोदी का समर्थक है। उसने स्पष्ट किया कि उसने राहुल गांधी को कोई गाली नहीं दी और घटना के समय मौजूद मीडिया कैमरों में सब कुछ रिकॉर्ड हुआ है। यदि फुटेज में वह गाली देते हुए दिखाई देता है, तो वह माफी मांगने के लिए तैयार है।


वीडियो फुटेज में फहीम को मोदी के समर्थन में नारे लगाते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद कुछ लोग वहां पहुंचकर मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हैं। इस दौरान फहीम के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट होती है।


फहीम ने चुनावी प्रक्रिया और ईवीएम पर विपक्ष के सवालों का भी जवाब दिया। उसने कहा कि चुनाव हारने पर ही ईवीएम पर सवाल क्यों उठाए जाते हैं। इस घटना के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।