दिल्ली में मौसम में बदलाव: बारिश और तापमान में गिरावट
दिल्ली में मौसम का मिजाज बदल रहा है
नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में हाल के दिनों में मौसम में काफी बदलाव आया है। पहले जहां गर्मी बढ़ रही थी, वहीं अब आसमान में घने बादल छा गए हैं और कई क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। इस अचानक परिवर्तन का कारण पश्चिमी विक्षोभ को माना जा रहा है, जिसने पूरे क्षेत्र में मौसम को अस्थिर कर दिया है।
रविवार का मौसम
रविवार, 5 अप्रैल को भी राजधानी और उसके आस-पास बादल छाए रहने की संभावना है। दिन में हल्की धूप निकल सकती है, लेकिन शाम होते-होते फिर से गरजने और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है। हालांकि, भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों को सतर्क रहने का संकेत दिया है।
तापमान में गिरावट
बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट आई है। रविवार सुबह दिल्ली का तापमान लगभग 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है।
इस बदलाव से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता ने परेशानी भी बढ़ा दी है। कभी धूप, कभी बादल और फिर अचानक बारिश, यह बदलाव लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है।
आने वाले दिनों का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, 5 और 6 अप्रैल को मौसम कुछ हद तक साफ रह सकता है। इन दिनों तापमान थोड़ा बढ़कर 32 से 33 डिग्री तक जा सकता है। लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक नहीं रहने वाली है। 7 और 8 अप्रैल को मौसम फिर से बदल सकता है। आसमान में आंशिक बादल छाने और गरज चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इसका मतलब है कि आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली एनसीआर के लोगों को बदलते मौसम का सामना करना पड़ेगा।
वायु गुणवत्ता की चिंता
जहां बारिश ने मौसम को सुहावना बनाया है, वहीं वायु गुणवत्ता अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। दिल्ली के कई क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स मध्यम से खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है। आनंद विहार में एक्यूआई 250 तक पहुंच गया है, जो खराब श्रेणी में आता है। अशोक विहार, बवाना, चांदनी चौक और कैंट क्षेत्र में भी हवा की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। नोएडा के कई सेक्टरों में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है।
इसका मतलब यह है कि बारिश के बावजूद प्रदूषण पूरी तरह कम नहीं हुआ है और लोगों को अभी भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।