दिल्ली में यमुना नदी पर क्रूज सेवा की शुरुआत, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
नई दिल्ली में क्रूज सेवा का आगाज
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की यमुना नदी में जल्द ही क्रूज सेवा शुरू होने जा रही है, जो राजधानी के पर्यटन को एक नया रूप दे सकती है. इस बारे में दिल्ली सरकार के पर्यटन, कानून और श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि यमुना में चलने वाले क्रूज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. सोमवार को उन्होंने मुंबई में उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां इस क्रूज का निर्माण किया जा रहा है.
जल्द शुरू होगी क्रूज सेवा
कपिल मिश्रा के अनुसार, यह क्रूज बहुत जल्द यमुना नदी में चलता हुआ नजर आएगा. सरकार का कहना है कि यह परियोजना दिल्ली के पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ यमुना को एक नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम है. हालांकि, इस घोषणा के बाद राजनीतिक माहौल गरमाने की संभावना भी जताई जा रही है. यमुना की सफाई को लेकर पहले से ही दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. ऐसे में नदी में क्रूज चलाने के फैसले पर राजनीतिक विवाद बढ़ सकता है.
दिल्ली सरकार पर सवाल?
फिलहाल, आम आदमी पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पार्टी इस फैसले को लेकर दिल्ली सरकार पर सवाल उठा सकती है. यमुना की मौजूदा स्थिति को लेकर लंबे समय से बहस चलती रही है और क्रूज सेवा की शुरुआत इस बहस को और तेज कर सकती है.
केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल
कपिल मिश्रा इस प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी पहले भी साझा करते रहे हैं. नवंबर 2025 में उन्होंने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और अन्य अधिकारियों के साथ सोनिया विहार क्षेत्र में परियोजना स्थल का निरीक्षण किया था. उस दौरान जेटी निर्माण, यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई थी. इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और दिल्ली सरकार के बीच पहले ही समझौता हो चुका है, जिससे यह साफ है कि यह केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल है.
दिल्ली में क्रूज का अनुभव
दिल्ली सरकार के मुताबिक, यह क्रूज सेवा सोनिया विहार के वजीराबाद बैराज क्षेत्र से जगतपुर, शनि मंदिर के पास तक चलेगी. इसका रूट लगभग 4 से 8 किलोमीटर का होगा. सरकार का दावा है कि इसके बाद दिल्लीवासियों को क्रूज का अनुभव लेने के लिए गोवा या मुंबई नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि वे यमुना में ही इस सुविधा का आनंद ले सकेंगे.
2026 में शुरू होने की संभावना
यह क्रूज पूरी तरह इको-फ्रेंडली होगा और सोलर-इलेक्ट्रिक हाइब्रिड तकनीक पर आधारित रहेगा, जिससे पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे. यमुना के इस हिस्से को पहले से ही राष्ट्रीय जलमार्ग-110 के तहत विकसित किया जा रहा है. पहले यह सेवा दिसंबर 2025 में शुरू होने की बात कही गई थी, लेकिन अब इसके जनवरी 2026 में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है.
इतिहास और संस्कृति से जुड़ी जानकारी
सरकार का कहना है कि क्रूज यात्रा के दौरान यात्रियों को दिल्ली के इतिहास और संस्कृति से जुड़ी जानकारी दी जाएगी. और साथ ही मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. मानसून के मौसम में सुरक्षा कारणों से इस सेवा को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा. दिल्ली सरकार का दावा है कि इस परियोजना से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और यमुना को साफ और आकर्षक बनाने में मदद मिलेगी.