दिल्ली में युवा सशक्तिकरण के लिए उद्योग संघ सम्मेलन का आयोजन
युवाओं के लिए सहयोगात्मक कार्ययोजना
नई दिल्ली: भारत सरकार का युवा मामले एवं खेल मंत्रालय 3 जुलाई को डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में उद्योग संघ सम्मेलन आयोजित करेगा। इस सम्मेलन में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योगपति, कॉर्पोरेट संस्थाएं और विकास भागीदार एकत्रित होकर 'मेरा युवा भारत (माय भारत)' पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने के लिए एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार करेंगे।
इस कॉन्क्लेव में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे शामिल होंगे। इसके अलावा, युवा मामले विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल, अतिरिक्त सचिव नितेश कुमार मिश्रा, और कई प्रमुख उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।
मंत्रालय के अनुसार, इस सम्मेलन का उद्देश्य सरकार, उद्योग संगठनों और कॉर्पोरेट कंपनियों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना है, ताकि युवाओं के कौशल विकास, रोजगार, स्वयंसेवा और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सके। कार्यक्रम में चर्चा होगी कि 'माय भारत' प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को इंटर्नशिप, स्किल डेवलपमेंट, वॉलंटियरिंग, और अन्य विकास योजनाओं का लाभ कैसे अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।
इस सम्मेलन में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), फिक्की, एसोचैम, नैसकॉम, और अन्य प्रमुख उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके साथ ही, एसबीआई फाउंडेशन, रिलायंस फाउंडेशन, और अन्य सामाजिक संस्थाएं भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगी।
कार्यक्रम के दौरान 'माय भारत' की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की जानकारी दी जाएगी। विभिन्न उद्योग संगठन युवाओं के लिए चल रही पहलों पर अपने विचार साझा करेंगे। सम्मेलन में सीएसआर गतिविधियों, इंटर्नशिप, कौशल विकास और स्वयंसेवा कार्यक्रमों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा होगी। इसके बाद, युवा मामले विभाग की सचिव की अध्यक्षता में सभी हितधारकों के साथ खुली चर्चा आयोजित की जाएगी, जिसमें भविष्य की साझेदारियों का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
मंत्रालय का मानना है कि इस पहल से प्रमुख उद्योग संगठनों को 'माय भारत' प्लेटफॉर्म से जोड़ने में मदद मिलेगी। साथ ही, युवाओं से जुड़े सीएसआर कार्यक्रमों में बेहतर तालमेल स्थापित होगा और 'माय भारत' को देशभर के युवाओं के लिए अवसरों और सहयोग का एक राष्ट्रीय मंच बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। इस सम्मेलन का समापन 'विकसित भारत@2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सहयोग की रूपरेखा तैयार करने के साथ होगा।